उत्तर प्रदेशकानपुरराज्यलखनऊ

नजीर बन रहा यूपीसीडा का विकास मॉडल, तीन गुना हुआ राजस्व और सृजित हो रहे हजारों रोजगार

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपीसीडा ने प्रदेश को बनाया निवेश, रोजगार और अधोसंरचना के क्षेत्र में अग्रणी
  • 2021 की तुलना में राजस्व तीन गुना, भूखंड आवंटन और डिजिटल सेवाओं में भी रिकॉर्ड प्रगति
  • महिला सशक्तिकरण से लेकर हरित औद्योगिक विकास तक, यूपीसीडा का बहुआयामी विस्तार
  • 6,190 करोड़ का ऐतिहासिक बजट, 4,800 नई नौकरियां और 42 आॅनलाइन सेवाओं की छलांग
  • एमएसएमई से लेकर मेगा प्रोजेक्ट तक, हर उद्योग को मिला विकास का मंच
  • योगी सरकार के विजन के साथ भारत का औद्योगिक इंजन बनेगा उत्तर प्रदेश

लखनऊ/कानपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की औद्योगिक नीतियों और पारदर्शी प्रशासनिक मॉडल के चलते उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने राजस्व वृद्धि में उल्लेखनीय उछल दर्ज किया है। यूपीसीडा ने 2023- 24 में 1,898 करोड़ और 2024- 25 में अनुमानित 1,937 करोड़ का राजस्व दर्ज किया है, जो 2021-22 की तुलना में तीन गुना से अधिक है।
उल्लेखनीय है कि यूपीसीडा ने सिर्फ एक आवंटन संस्था से आगे बढ़कर नीति निर्माण, निवेश संवर्द्धन और अधोसंरचना विकास में अग्रणी भूमिका निभाई है। इससे प्रदेश में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। अब यूपीसीडा का मिशन केवल औद्योगिक अधोसंरचना बनाना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश को भारत का अग्रणी औद्योगिक इंजन बनाना है, जहां निवेशकों को संभावनाएं, युवाओं को रोजगार और प्रदेश को एक समावेशी व समृद्ध भविष्य मिले।

1,600 से अधिक औद्योगिक भूखंडों का आवंटन
भूखंड आवंटन प्रणाली की पारदर्शिता और दक्षता के चलते पिछले तीन वर्षों में यूपीसीडा के द्वारा 1,600 से अधिक औद्योगिक भूखंडों का सफल आवंटन किया गया, जिनमें वित्तीय वर्ष 2024झ्र25 में ही 798 भूखंड आवंटित किए गए। भूखंड आवंटन से निवेश को बढ़ावा और रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।

2 से 42 आॅनलाइन सेवाओं तक का सफर
डिजिटल इंडिया मिशन के अनुरूप मुख्यमंत्री योगी के निदेर्शों के तहत यूपीसीडा ने सेवा वितरण में क्रांतिकारी सुधार किए हैं। ह्यनिवेश मित्रह्ण पोर्टल, ई-नीलामी, आॅनलाइन भुगतान और शिकायत निवारण जैसी 42 सेवाओं के माध्यम से अब तक 31,000 से अधिक आॅनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 96% का समाधान किया जा चुका है।

6,190 करोड़ से होगा अधोसंरचना विस्तार
योगी सरकार की प्राथमिकता में औद्योगिक अधोसंरचना है। इसी क्रम में यूपीसीडा ने 2025-26 के लिए 6,190 करोड़ का रिकॉर्ड बजट पारित किया है। इस बजट से औद्योगिक क्षेत्रों में स्मार्ट सड़कों, जल आपूर्ति, सीवरेज नेटवर्क और 24७7 बिजली जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

प्रशासनिक खर्च में 9% की कटौती
वित्तीय अनुशासन को बढ़ावा देते हुए यूपीसीडा ने प्रशासनिक व्यय में 9% की कटौती की है — जो योगी सरकार की ‘कम खर्च, ज्यादा परिणाम’ नीति का जीवंत उदाहरण है। दूसरी तरफ, वर्ष 2017- 18 में जहां अवस्थापना व्यय 104 करोड़ था, वह 2023- 24 में चार गुना बढ़कर 415 करोड़ तक पहुंच गया जो यूपीसीडा के बुनियादी ढांचे पर केंद्रित विकास की दिशा में प्रतिबद्धता को दशार्ता है।

महिला सशक्तिकरण में भी आगे योगी सरकार
औद्योगिक क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने हेतु यूपीसीडा द्वारा पिंक टॉयलेट्स, डॉरमेट्रीज, महिला हेल्पडेस्क जैसी सुविधाओं की शुरूआत की गई है। अटल औद्योगिक अधोसंरचना मिशन के अंतर्गत महिला केंद्रित कौशल प्रशिक्षण और स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

हरित औद्योगीकरण
योगी सरकार की नीतियों के अनुरूप यूपीसीडा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी सक्रिय है। हरित पट्टियों, ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण उपायों से पर्यावरण और उद्योग के बीच संतुलन साधा जा रहा है।

700 करोड़ निवेश, 4,800 रोजगार अवसर
मुख्यमंत्री योगी जी की मेगा निवेश योजनाओं का असर स्पष्ट है। मई 2025 में आयोजित मेगा आवंटन योजना में 113 भूखंडों के माध्यम से 700 करोड़ निवेश और 4,800 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। योगी सरकार की समावेशी औद्योगिक नीति के तहत छोटे उद्योगों को किफायती भूखंड और सरल प्रक्रियाएं उपलब्ध हैं, वहीं बड़े निवेशकों के लिए विशेष क्लस्टर जोन और नीति सहयोग की सुविधा दी जा रही है।

Zee NewsTimes

Founded in 2018, Zee News Times has quickly emerged as a leading news source based in Lucknow, Uttar Pradesh. Our mission is to inspire, educate, and outfit our readers for a lifetime of adventure and stewardship, reflecting our commitment to providing comprehensive and reliable news coverage.

संबंधित समाचार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button