पर्यटन मंत्री का तीन दिवसीय दौरा: रायबरेली, फिरोजाबाद और मैनपुरी में पर्यटन विकास योजनाओं का शिलान्यास

उत्तर प्रदेश में पर्यटन विकास को नई ऊंचाई देने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में पर्यटन मंत्री आगामी तीन दिवसीय भ्रमण पर कल से रायबरेली, फिरोजाबाद और मैनपुरी का दौरा करेंगे। इस दौरान वे विभिन्न पर्यटन विकास योजनाओं का शिलान्यास करेंगे और स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा आमजन से संवाद स्थापित करेंगे। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के प्रत्येक जिले को पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता दिलाई जाए, जिससे रोजगार सृजन, स्थानीय संस्कृति का संरक्षण और आर्थिक विकास को प्रोत्साहन मिल सके।
रायबरेली, जो अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के लिए प्रसिद्ध है, अब एक नए पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां पर्यटन मंत्री द्वारा प्रस्तावित योजनाओं के अंतर्गत हेरिटेज स्थलों का संरक्षण, पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं का निर्माण और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के कार्य किए जाएंगे। इससे न केवल स्थानीय व्यवसायों को मजबूती मिलेगी बल्कि प्रदेश में आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
फिरोजाबाद, जो विश्वभर में अपने कांच और चूड़ी उद्योग के लिए जाना जाता है, वहां भी पर्यटन को उद्योग से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। यहां पर्यटन विकास योजनाओं में ‘ग्लास म्यूजियम’ और हस्तशिल्प को प्रदर्शित करने के लिए आधुनिक केंद्रों की स्थापना शामिल है। पर्यटन मंत्री का मानना है कि स्थानीय कला और शिल्प को पर्यटन से जोड़ने पर यह क्षेत्र न केवल देश बल्कि विदेश के पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा।
मैनपुरी, जो अपनी सांस्कृतिक धरोहर और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, वहां इको-टूरिज्म और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की योजनाएं बनाई गई हैं। यहां पर नए पार्क, पर्यटक सुविधाएं और धार्मिक स्थलों के विकास से स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही, ग्रामीण पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे गांवों की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ आधार मिलेगा।
पर्यटन मंत्री के इस दौरे से यह साफ है कि उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए पर्यटन को एक प्रमुख स्तंभ मान रही है। तीनों जिलों में होने वाले शिलान्यास कार्यक्रम न केवल पर्यटन संरचना को मजबूत करेंगे बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी गति देंगे। इसके साथ ही यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘समग्र विकास’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।



