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UP Youth Policy: उत्तर प्रदेश में जल्द आएगी नई यूथ पॉलिसी, युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार और स्किल पर होगा फोकस

उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए योगी सरकार जल्द नई इंटीग्रेटेड यूथ पॉलिसी लेकर आने वाली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लखनऊ के विधान भवन प्रांगण से युवाओं को लेकर सरकार की इस बड़ी पहल की घोषणा की। नई नीति का उद्देश्य युवाओं की बदलती जरूरतों, आकांक्षाओं और भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप एक व्यापक नीति तैयार करना है।

शिक्षा से रोजगार तक होगा फोकस

नई यूथ पॉलिसी में सिर्फ शिक्षा तक सीमित रहने के बजाय युवाओं के समग्र विकास पर ध्यान दिया जाएगा। सरकार की योजना में शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट, रोजगार, स्वास्थ्य और नेतृत्व विकास जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं।

आधुनिक तकनीक के दौर में युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करने के लिए नई तकनीकों पर आधारित कौशल प्रशिक्षण को प्राथमिकता दिए जाने की बात भी सामने आई है। इससे युवाओं को पारंपरिक रोजगार के साथ-साथ उभरते क्षेत्रों में अवसर हासिल करने में मदद मिल सकती है।

16 से 35 साल के युवाओं पर विशेष ध्यान

सरकार द्वारा तैयार की जा रही नीति में 16 से 35 वर्ष की आयु के युवाओं को प्रमुख लक्ष्य समूह बनाने का प्रस्ताव सामने आया है। इस आयु वर्ग के युवाओं की शिक्षा, रोजगार, कौशल और सामाजिक भागीदारी से जुड़ी जरूरतों को एकीकृत तरीके से संबोधित करने की कोशिश होगी।

बनेगा यूथ डेवलपमेंट सिस्टम

नई नीति के तहत युवाओं के विकास की निगरानी और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए विशेषज्ञ आयोग या तंत्र बनाने का प्रस्ताव भी सामने आया है। इसका उद्देश्य अलग-अलग विभागों की युवा-केंद्रित योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना हो सकता है।

कॉलेजों में कोचिंग और मेंटरशिप पर जोर

सरकार मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना का विस्तार विश्वविद्यालयों और कॉलेजों तक करने की दिशा में भी काम कर रही है। इसके जरिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को बेहतर शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

इसके अलावा युवाओं को मार्गदर्शन देने के लिए अनुभवी अधिकारियों और विशेषज्ञों की मेंटरशिप व्यवस्था पर भी जोर दिए जाने की बात सामने आई है। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं, करियर विकल्पों और पेशेवर विकास में छात्रों को मदद मिल सकती है।

युवाओं की भागीदारी भी बढ़ाने की कोशिश

नई नीति का एक महत्वपूर्ण पहलू युवाओं को केवल सरकारी योजनाओं के लाभार्थी के रूप में देखने के बजाय नीति निर्माण और सामाजिक विकास में उनकी भागीदारी बढ़ाना भी हो सकता है। इससे युवाओं की वास्तविक समस्याओं और उनकी अपेक्षाओं को नीति में शामिल करने का रास्ता खुल सकता है।

हाल के महीनों में युवाओं के लिए सीधे नीति-निर्माण में भागीदारी देने की मांग भी उठी है। जुलाई में बीजेपी विधायक राजेश्वर सिंह ने Youth Advisory Council बनाने का सुझाव दिया था, जिसमें AI, शिक्षा, स्टार्टअप और प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे मुद्दों पर युवाओं की राय शामिल करने की बात कही गई थी।

रोजगार और स्किल डेवलपमेंट बनेगा अहम आधार

उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े युवा आबादी वाले राज्यों में है। ऐसे में नई नीति में रोजगार योग्य कौशल, उद्यमिता, स्टार्टअप और आधुनिक तकनीक से जुड़े अवसरों पर खास ध्यान दिए जाने की उम्मीद है। राज्य सरकार पहले से ही स्किलिंग, स्टार्टअप और रोजगार सृजन को अपनी युवा-केंद्रित योजनाओं में प्रमुखता देती रही है।

कब लागू होगी नई यूथ पॉलिसी?

फिलहाल सरकार ने नीति की अंतिम रूपरेखा और लागू होने की तारीख सार्वजनिक नहीं की है। अधिकारियों को युवाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप एकीकृत नीति तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसलिए इसके अंतिम प्रावधान और योजनाओं की जानकारी नीति का ड्राफ्ट तैयार होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

योगी सरकार की प्रस्तावित नई यूथ पॉलिसी में शिक्षा से लेकर रोजगार, स्किल डेवलपमेंट, स्वास्थ्य और नेतृत्व तक युवाओं से जुड़े कई पहलुओं को एक साथ जोड़ने की कोशिश होगी। अगर प्रस्तावित योजनाएं प्रभावी तरीके से लागू होती हैं, तो प्रदेश के युवाओं के लिए करियर, कौशल और रोजगार के नए अवसरों का दायरा बढ़ सकता है।

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