हमें अपनी संस्कृति फॉलो करके बढ़ना होगा, वेस्टर्न नहीं’ — राज्यपाल की बातों से गोल्ड मेडलिस्ट सहमत, बोलीं- लिव-इन नहीं, एजुकेशन चुनें

एक विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें अपनी भारतीय संस्कृति और परंपराओं का पालन करते हुए आगे बढ़ना चाहिए, न कि अंधाधुंध रूप से वेस्टर्न कल्चर की नकल करनी चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने संस्कारों, परिवार और समाज के मूल्यों को समझें, क्योंकि यही हमारी पहचान है। राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का असली उद्देश्य सिर्फ डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि जीवन के मूल्यों को अपनाना भी है।
राज्यपाल की इन बातों से विद्यापीठ की गोल्ड मेडलिस्ट छात्रा भी पूरी तरह सहमत नजर आईं। समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को यह समझना चाहिए कि आधुनिकता अपनाना गलत नहीं है, लेकिन अपनी संस्कृति को छोड़ देना किसी भी तरह बुद्धिमानी नहीं। उन्होंने कहा – “मैं मानती हूं कि लिव-इन रिलेशनशिप या दिखावटी वेस्टर्न लाइफस्टाइल से ज्यादा जरूरी है शिक्षा और संस्कार। हमें खुद को आधुनिक जरूर बनाना चाहिए, लेकिन अपनी जड़ों से जुड़े रहकर।”
छात्रा ने आगे कहा कि भारत की संस्कृति में परिवार, सम्मान और अनुशासन की भावना सबसे बड़ी ताकत है, और यही कारण है कि हमारी सभ्यता हजारों वर्षों से कायम है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि सोशल मीडिया और ग्लैमर की दुनिया में उलझने के बजाय वे अपनी पढ़ाई और कैरियर पर ध्यान दें।
राज्यपाल के इस संदेश और छात्रा की प्रतिक्रिया से समारोह में मौजूद सभी छात्र-छात्राओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ। शिक्षकों ने भी कहा कि ऐसे विचार न केवल समाज को दिशा देते हैं बल्कि युवा पीढ़ी को सही मार्ग दिखाते हैं। स्पष्ट है कि भारतीय शिक्षा और संस्कृति का संगम ही देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव रख सकता है।



