गोरखपुर में CM योगी पर्चा लेकर सड़क पर क्यों उतरे?:मॉल में पूछा- ये क्या है, रवि किशन बोले- बॉडी लोशन है महराजजी

गोरखपुर की धरती हमेशा से राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से चर्चा में रही है, लेकिन इस बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक अनोखा अंदाज सामने आया। आमतौर पर जनता को मंच से संबोधित करने वाले और प्रशासनिक फैसले लेने वाले सीएम योगी अचानक सड़कों पर पर्चा बांटते दिखाई दिए। उनका यह रूप देखकर लोग हैरान भी हुए और उत्साहित भी। लोगों को यह संदेश भी मिला कि मुख्यमंत्री केवल भाषणों और बैठकों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे जनता तक सीधे संवाद करने और उनकी राय समझने के लिए भी मैदान में उतरते हैं।
गोरखपुर की गलियों में सीएम योगी जब पर्चा लेकर निकले तो हर किसी की नजर उन पर टिक गई। लोग अपने-अपने मोबाइल निकालकर वीडियो और फोटो बनाने लगे। पर्चे में प्रदेश सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी थी, जिसे आमजन तक पहुंचाने का यह अनोखा तरीका चुना गया। इससे यह भी जाहिर होता है कि सरकार चाहती है कि जनता योजनाओं की जानकारी सीधे हाथों-हाथ पाए और उसका लाभ उठा सके।
यही नहीं, गोरखपुर के एक मॉल में सीएम योगी आदित्यनाथ का एक दिलचस्प किस्सा भी सामने आया। अभिनेता और सांसद रवि किशन भी उनके साथ मौजूद थे। मॉल में घूमते हुए सीएम योगी ने एक पैकिंग उठाकर रवि किशन से पूछा- “ये क्या है?” इस पर रवि किशन ने तुरंत मुस्कुराते हुए जवाब दिया- “महाराजजी, ये बॉडी लोशन है।” वहां मौजूद लोग इस बातचीत को सुनकर हंस पड़े और माहौल हल्का-फुल्का हो गया। आमतौर पर गंभीर और अनुशासित नजर आने वाले योगी आदित्यनाथ का यह सहज रूप देखकर लोग और भी प्रभावित हुए।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर साबित किया कि योगी आदित्यनाथ केवल मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि एक ऐसे नेता हैं जो अपने कामकाज के साथ-साथ जमीन से जुड़े रहने की कला भी जानते हैं। गोरखपुर में उनके इस अंदाज ने युवाओं और आम जनता को यह संदेश दिया कि राजनीति केवल भाषणों और वादों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि जनता तक जाकर उनसे संवाद करना ही असली राजनीति है।
लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री का सड़क पर उतरकर पर्चा बांटना उनके “जनता दरबार” की याद दिलाता है। यह सीधा संकेत है कि वे हर वर्ग तक पहुंचना चाहते हैं और प्रदेश की योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए खुद भी प्रयासरत रहते हैं। दूसरी ओर, मॉल में रवि किशन के साथ हुई मजेदार बातचीत ने उनके सहज और मानवीय पक्ष को उजागर किया।
गोरखपुर की यह झलक न केवल सोशल मीडिया पर छा गई, बल्कि इससे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक नई छवि भी सामने आई। पर्चा बांटने का यह अभियान और मॉल की हल्की-फुल्की बातचीत दोनों ही घटनाएं आने वाले दिनों में चर्चाओं का विषय बनी रहेंगी। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि राजनीति में जनता से जुड़ाव और सरलता ही सबसे बड़ी ताकत है, और योगी आदित्यनाथ इसमें माहिर हैं।



