योगी आदित्यनाथ बोले- देश विभाजित था तभी गुलाम हुआ, भारत को फिर नहीं बंटने देना है

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम में देश की एकता और अखंडता पर जोर देते हुए कहा कि भारत कभी भी साधारण राष्ट्र नहीं रहा है। प्राचीन काल से ही यह देश अपनी संस्कृति, समृद्धि और वैभव के कारण “सोने की चिड़िया” कहलाता था। लेकिन जब-जब हम आपसी मतभेदों और विभाजन की राजनीति में उलझे, तब-तब बाहरी ताकतों ने इसका फायदा उठाकर हमें गुलाम बनाया। योगी ने कहा कि भारत के गौरवशाली इतिहास को समझना जरूरी है, क्योंकि यही हमें भविष्य की राह दिखाता है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि देश जब तक एकजुट रहा, तब तक यहां की समृद्धि और संस्कृति विश्व का केंद्र बनी रही। चाहे विज्ञान हो, शिक्षा हो, दर्शन हो या व्यापार, हर क्षेत्र में भारत ने पूरी दुनिया को दिशा दी। लेकिन जब हम बंटे, अलग-अलग समूहों और जातियों में विभाजित हुए, तभी विदेशी आक्रांताओं को मौका मिला और उन्होंने हमें सदियों तक गुलाम बनाकर रखा।
योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि हमें इतिहास से सीख लेकर आगे बढ़ना होगा। आज भारत विश्व शक्ति बनने की ओर तेजी से अग्रसर है, ऐसे में हमें आंतरिक मतभेदों और विघटनकारी ताकतों से सावधान रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की मजबूती उसकी एकता और विविधता में है। यदि हम अपनी परंपराओं, मूल्यों और संस्कृति के साथ जुड़े रहें और एकजुट होकर कार्य करें, तो कोई ताकत हमें कमजोर नहीं कर सकती।
उन्होंने यह भी कहा कि आज का भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्व मंच पर अपनी पहचान बना रहा है। आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाएं इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। लेकिन इन सबके बीच सबसे बड़ी जिम्मेदारी हर नागरिक की है कि वह देश को फिर कभी विभाजन की राजनीति का शिकार न होने दे।
योगी आदित्यनाथ के इस संबोधन का मुख्य संदेश यही था कि भारत को अगर फिर से “सोने की चिड़िया” बनाना है तो हमें अपनी एकजुटता, संस्कृति और मूल्यों को संजोकर रखना होगा। भारत का भविष्य तभी उज्ज्वल होगा जब हम अपने अतीत की गलतियों से सीख लेकर नए भारत का निर्माण करेंगे।



