Gangotri Yamunotri Dham: कपाटबंदी की तैयारियां तेज, फूलों से सजे धाम

उत्तराखंड की चारधाम यात्रा के तहत गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में कपाटबंदी की तैयारियां तेज हो गई हैं। शीतकाल के आगमन को देखते हुए दोनों धामों के कपाट बंद करने की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारियां की जा रही हैं। इस विशेष अवसर पर मंदिरों को आकर्षक फूलों से सजाया जा रहा है। धामों में धार्मिक परंपराओं और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कपाटबंदी की प्रक्रिया संपन्न होगी। कपाट बंद होने के बाद सर्दियों के दौरान श्रद्धालु शीतकालीन पूजा स्थलों पर दर्शन कर सकेंगे।
फूलों से सजाए जा रहे गंगोत्री और यमुनोत्री धाम
कपाटबंदी के अवसर को यादगार बनाने के लिए दोनों धामों को फूलों से सजाया जा रहा है। मंदिर परिसर में विशेष सजावट की जा रही है। इस दौरान श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भी धार्मिक उत्साह देखने को मिल रहा है। कपाट बंद होने से पहले श्रद्धालु मां गंगा और मां यमुना के दर्शन कर रहे हैं।
शीतकाल के लिए बंद होंगे मंदिरों के कपाट
उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी और प्रतिकूल मौसम की स्थिति बन जाती है। इसी वजह से हर साल निर्धारित धार्मिक परंपराओं के अनुसार गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाते हैं। इसके बाद देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना शीतकालीन प्रवास स्थलों पर की जाती है।
चारधाम यात्रा के समापन की ओर बढ़े कदम
गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने के साथ ही चारधाम यात्रा का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो जाएगा। यात्रा के दौरान देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन पवित्र धामों में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। कपाटबंदी के अवसर पर धार्मिक अनुष्ठान और विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इसके बाद अगले यात्रा सीजन में निर्धारित तिथियों पर मंदिरों के कपाट दोबारा श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।



