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कंस्ट्रक्शन साइट पर हरे कपड़े क्यों लगाए जाते हैं? जानें इसके पीछे की हैरान कर देने वाली वजह

आपने अक्सर देखा होगा कि शहरों में जब भी किसी बड़ी इमारत, मॉल या फ्लाईओवर का निर्माण कार्य चल रहा होता है, तो पूरी साइट को हरे रंग के कपड़े या जाल से ढक दिया जाता है। कई बार लोग सोचते हैं कि ऐसा सिर्फ दिखावे के लिए किया जाता है, लेकिन इसके पीछे एक बहुत ही वैज्ञानिक और पर्यावरण से जुड़ा कारण छिपा होता है। दरअसल, इस हरे कपड़े को ग्रीन नेट या ग्रीन मेश कहा जाता है और यह निर्माण स्थल के आसपास धूल और प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लगाया जाता है।

जब निर्माण कार्य चलता है, तो मिट्टी, सीमेंट और अन्य पदार्थों से बहुत अधिक धूल उड़ती है। यह धूल न सिर्फ आसपास के वातावरण को प्रदूषित करती है बल्कि राहगीरों और कामगारों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डालती है। ग्रीन नेट इस धूल को बाहर फैलने से रोकती है और हवा में उड़ने वाले सूक्ष्म कणों को सीमित कर देती है। यही कारण है कि सरकार और पर्यावरण विभाग ने भी निर्माण स्थलों पर ग्रीन नेट लगाना अनिवार्य कर दिया है।

हरे रंग का चयन भी कोई संयोग नहीं है। यह रंग प्राकृतिक संतुलन और शांति का प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा, हरा रंग सूर्य की किरणों को कम परावर्तित करता है, जिससे निर्माण स्थल का तापमान थोड़ा नियंत्रित रहता है। इससे मजदूरों को भी काम करने में कुछ राहत मिलती है।

इसके अलावा, यह नेट सुरक्षा के लिहाज से भी बहुत उपयोगी है। कई बार निर्माण के दौरान ऊँचाई से मलबा गिर सकता है, ऐसे में ग्रीन नेट एक तरह की सुरक्षा ढाल का काम करता है। यह न सिर्फ आसपास के लोगों को चोट से बचाता है बल्कि साइट की साफ-सफाई भी बनाए रखता है।

इसलिए अगली बार जब आप किसी कंस्ट्रक्शन साइट को हरे कपड़े से ढका देखें, तो समझ लीजिए कि यह सिर्फ सजावट नहीं बल्कि पर्यावरण, सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ा एक जरूरी कदम है जो हमारे शहरों को रहने लायक बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।

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