बड़ी खबरविदेश

ट्रंप का यू-टर्न, बोले- यूक्रेन को देंगे और हथियार

डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने पुराने बयानों से पलटते नजर आए हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि “अमेरिका यूक्रेन को और हथियार भेजेगा, ताकि वो रूस के खिलाफ मजबूती से लड़ सके।” इस बयान ने न सिर्फ अमेरिकी राजनीति में हलचल मचा दी है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नई बहस छेड़ दी है।

गौरतलब है कि ट्रंप पहले कई बार यूक्रेन को दी जा रही सैन्य मदद का विरोध कर चुके हैं और इसे “बर्बादी और अमेरिका के संसाधनों की बर्बादी” बताया था। लेकिन अब उनका कहना है कि “अगर अमेरिका पीछे हटा, तो रूस और आक्रामक हो जाएगा, जो वैश्विक स्थिरता के लिए खतरनाक होगा।”

विश्लेषकों का मानना है कि यह यू-टर्न ट्रंप की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हो सकता है, खासकर आगामी राष्ट्रपति चुनावों को देखते हुए। वे खुद को एक मज़बूत नेता के रूप में पेश करना चाहते हैं जो अमेरिका के हितों की रक्षा करता है, चाहे वह आंतरिक हो या वैश्विक स्तर पर।

ट्रंप के इस नए रुख पर व्हाइट हाउस, यूक्रेन और नाटो देशों की नजरें टिकी हैं। यूक्रेन सरकार ने इस बयान का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि अमेरिका की सैन्य मदद से उन्हें जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी। 

ट्रंप के इस बयान के बाद रिपब्लिकन पार्टी के अंदर भी मतभेद देखने को मिले हैं। कुछ कट्टर समर्थकों ने इसे “वोट बटोरने की चाल” बताया है, जबकि कुछ ने ट्रंप के नए रुख को “परिपक्व और रणनीतिक सोच” कहा है। वहीं डेमोक्रेट्स ने तंज कसते हुए कहा कि ट्रंप का यह यू-टर्न दिखाता है कि वे विदेश नीति को लेकर कितने असमंजस में रहते हैं।

यूक्रेन ने इस बयान का स्वागत करते हुए कहा कि “दुनिया के किसी भी कोने से मिलने वाला समर्थन हमारे लिए जीवनरेखा है।” कीव ने आशा जताई कि ट्रंप यदि सत्ता में लौटते हैं तो भी वे रूस के खिलाफ मजबूती से खड़े रहेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह रुख नाटो सहयोगियों को भी एक संदेश देता है कि अमेरिका रूस के मुकाबले में पीछे नहीं हटेगा। इससे उन यूरोपीय देशों को राहत मिली है जो अब तक ट्रंप की “अमेरिका फर्स्ट” नीति से चिंतित थे।

हालांकि, इस बयान के बाद रूस की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। क्रेमलिन के प्रवक्ता ने ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा कि, “जो नेता खुद को स्थिर कहते हैं, वो कम से कम अपने शब्दों पर टिके रहें।” रूस ने इसे राजनीतिक बयानबाज़ी बताया है और कहा कि इससे जमीनी हालात पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि अमेरिका की विदेश नीति, खासकर रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर, 2024-25 के अमेरिकी चुनावों में एक बड़ा मुद्दा बनने वाली है। ट्रंप के बयान अब सिर्फ बयान नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संकेत बन गए हैं – और दुनिया उन्हें गंभीरता से सुन रही है।

Zee NewsTimes

Founded in 2018, Zee News Times has quickly emerged as a leading news source based in Lucknow, Uttar Pradesh. Our mission is to inspire, educate, and outfit our readers for a lifetime of adventure and stewardship, reflecting our commitment to providing comprehensive and reliable news coverage.

संबंधित समाचार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button