यूपी के 3 जिलों में 2606 करोड़ का निवेश, खुलेंगे नए अवसर

उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में बिजनौर, उन्नाव और कानपुर देहात में स्थापित होने वाली तीन औद्योगिक परियोजनाओं को नीति आधारित प्रोत्साहन देने के लिए लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी करने की मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में कुल 2606.04 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
बिजनौर में एग्रिस्टो मासा प्राइवेट लिमिटेड करीब 794.27 करोड़ रुपये के निवेश से फ्रोजन फ्रेंच फ्राइज का उत्पादन करेगी। प्रस्तावित इकाई की उत्पादन क्षमता करीब 75 हजार मीट्रिक टन प्रतिवर्ष होगी। इससे लगभग 345 रोजगार के अवसर बनने का अनुमान है। आलू आधारित इस परियोजना से स्थानीय किसानों को भी अपनी उपज के लिए बड़ा बाजार मिलने की उम्मीद है।
उन्नाव में कैनपैक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड एल्युमिनियम बेवरेज कैन बनाने की इकाई स्थापित करेगी। इस परियोजना में 1573.62 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इकाई यूपीडा के आईएमएलसी इंडस्ट्रियल कॉरिडोर क्षेत्र में करीब 26 हेक्टेयर भूमि पर विकसित की जाएगी और इसकी अनुमानित वार्षिक उत्पादन क्षमता 130 करोड़ यूनिट होगी।
वहीं कानपुर देहात में सुप्रीम इंडस्ट्रीज लिमिटेड करीब 238.15 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यहां वैल्यू एडेड प्लास्टिक बिल्डिंग सॉल्यूशन उत्पादों का निर्माण किया जाएगा। तीनों परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से प्रदेश के विनिर्माण क्षेत्र को मजबूती मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
सरकार के इस फैसले को उत्तर प्रदेश में बड़े निवेश को जमीन पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। तीन अलग-अलग जिलों में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिल सकती है और उत्पादन, परिवहन, सप्लाई चेन तथा अन्य सहायक क्षेत्रों में भी गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
कुल मिलाकर 2606 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावित निवेश से बिजनौर, उन्नाव और कानपुर देहात में औद्योगिक तस्वीर बदलने की उम्मीद है। परियोजनाओं के लागू होने के साथ इन जिलों में निवेश का माहौल मजबूत होने और युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलने की संभावना है।



