बड़ी खबरविदेश

तो इस वजह से चीन से डरते हैं ट्रंप! अमेरिकी विदेश मंत्री ने बताई बड़ी वजह, क्यों रूस से तेल खरीद पर नहीं लगा पाबंदी

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अमेरिका की नीतियां हमेशा से चर्चा का विषय रही हैं। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कार्यकाल भी इन्हीं बहसों से भरा रहा। हाल ही में अमेरिकी विदेश मंत्री ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। उन्होंने साफ कहा कि रूस से तेल खरीद पर अमेरिका ने पूरी तरह से पाबंदी इसलिए नहीं लगाई, क्योंकि इस कदम से सबसे ज्यादा फायदा चीन को हो सकता था। ट्रंप प्रशासन को डर था कि यदि रूस के ऊर्जा बाजार पर सख्त प्रतिबंध लगाए गए, तो चीन इस अवसर का फायदा उठाकर रूस से सस्ते दामों पर तेल और गैस आयात करने लगेगा। इससे बीजिंग की पकड़ न सिर्फ ऊर्जा क्षेत्र में मजबूत होती बल्कि उसे रणनीतिक बढ़त भी मिलती।

विदेश मंत्री के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार बहुत संवेदनशील है। यदि अमेरिका और उसके सहयोगी रूस पर पूरी तरह से तेल प्रतिबंध लगाते, तो वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें आसमान छू जातीं। इसका सीधा असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों पर पड़ता। वहीं दूसरी ओर चीन, जो पहले ही रूस से ऊर्जा संबंध मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा था, ऐसे हालात में सबसे बड़ा ग्राहक बन जाता। यह स्थिति अमेरिका के लिए दोहरे नुकसान वाली होती—एक तरफ महंगाई और दूसरी तरफ चीन का और अधिक शक्तिशाली होना।

ट्रंप प्रशासन हमेशा से “अमेरिका फर्स्ट” नीति पर चलता रहा है। इसलिए जब भी कोई अंतरराष्ट्रीय कदम उठाया गया, तो उसमें अमेरिका की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई। रूस पर पूरी तरह से तेल पाबंदी लगाना दिखने में भले ही कठोर कदम होता, लेकिन रणनीतिक रूप से यह अमेरिका को कमजोर कर सकता था। यही वजह रही कि ट्रंप सरकार ने रूस के खिलाफ कुछ क्षेत्रों में सख्ती दिखाई, लेकिन ऊर्जा क्षेत्र में पूरी तरह से रोक लगाने से परहेज किया।

चीन और अमेरिका के बीच पहले से ही व्यापार युद्ध, तकनीकी प्रतिस्पर्धा और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भू-रणनीतिक तनाव मौजूद था। ऐसे में यदि रूस से चीन के ऊर्जा आयात और ज्यादा बढ़ते, तो बीजिंग को अप्रत्याशित आर्थिक ताकत मिल जाती। अमेरिकी विदेश मंत्री ने साफ कहा कि यह संतुलन बनाए रखना ट्रंप प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता थी। इस कदम से न केवल ऊर्जा बाजार स्थिर रहा, बल्कि अमेरिका ने चीन को और मजबूत होने से भी रोका।

इस बयान से साफ है कि अमेरिका की विदेश नीति सिर्फ दुश्मन देशों को निशाना बनाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसमें यह भी देखा जाता है कि किसी कदम से अप्रत्यक्ष रूप से कौन-सा देश सबसे ज्यादा लाभान्वित होगा। चीन को लेकर अमेरिका की चिंताएं लंबे समय से बनी हुई हैं और यही वजह है कि रूस से तेल पर पूरी तरह पाबंदी लगाने का फैसला कभी अमल में नहीं आया। यह रणनीति अंतरराष्ट्रीय राजनीति में शक्ति संतुलन बनाए रखने की एक बड़ी मिसाल मानी जा रही है।

Zee NewsTimes

Founded in 2018, Zee News Times has quickly emerged as a leading news source based in Lucknow, Uttar Pradesh. Our mission is to inspire, educate, and outfit our readers for a lifetime of adventure and stewardship, reflecting our commitment to providing comprehensive and reliable news coverage.

संबंधित समाचार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button