Inspector Zende Review: मनोज बाजपेयी की दमदार एक्टिंग, लेकिन बिकिनी किलर की कहानी पर मेकर्स ने किया अन्याय

इंस्पेक्टर जेंडे (Inspector Zende) का रिव्यू दर्शकों के लिए एक दिलचस्प लेकिन थोड़ी निराशाजनक यात्रा साबित होता है। मनोज बाजपेयी जब भी स्क्रीन पर आते हैं तो अपने दमदार अभिनय से किरदार को यादगार बना देते हैं। इस बार भी उन्होंने वही कर दिखाया है। उनका अंदाज़ और डायलॉग डिलीवरी दर्शकों को द फैमिली मैन की याद दिलाता है। एक सख्त, ईमानदार और तेज़-तर्रार पुलिस अफसर की भूमिका में उनका लुक और एक्टिंग दोनों ही बेहतरीन लगते हैं।
हालांकि, जिस पर कहानी आधारित है यानी “बिकिनी किलर” (Bikini Killer) जैसी कुख्यात और चर्चित शख्सियत की स्टोरी, वहां मेकर्स थोड़ा कमजोर पड़ गए हैं। असल घटना और उससे जुड़ी गहराई को दिखाने की बजाय सीरीज को ज़्यादा ड्रामेटिक और सिनेमैटिक बना दिया गया है। दर्शकों को उम्मीद थी कि यह शो बिकिनी किलर की सच्ची कहानी और उसके मनोविज्ञान की गहराई तक ले जाएगा, लेकिन यहां पटकथा सतही स्तर पर ही घूमती रहती है।
क्राइम थ्रिलर जॉनर में जबरदस्त सस्पेंस और इन्वेस्टिगेशन का मज़ा होता है, लेकिन मेकर्स ने कहीं-कहीं इस पर ज्यादा फोकस करने के बजाय किरदारों के ग्लैमर और नाटकीयता को जगह दी है। मनोज बाजपेयी का अभिनय भले ही हर कमी को थोड़ा संभाल लेता है, लेकिन कहानी के साथ न्याय न होना दर्शकों को खलता है।
तकनीकी दृष्टि से सीरीज की सिनेमैटोग्राफी और बैकग्राउंड म्यूजिक मजबूत है। पुलिस और अपराधी के बीच का खेल देखने लायक है, लेकिन अगर असली घटनाओं पर आधारित शो से दर्शकों को गहराई नहीं मिलती, तो असर अधूरा ही रह जाता है।
कुल मिलाकर, Inspector Zende मनोज बाजपेयी के अभिनय के लिए देखी जा सकती है, लेकिन बिकिनी किलर जैसे बड़े विषय पर मेकर्स ने पूरी तरह न्याय नहीं किया। यही कारण है कि दर्शकों के मन में यह शो अधूरी छाप छोड़ देता है।



