द्वाराहाट में पंचायत प्रतिनिधियों का प्रदर्शन, 10 सूत्रीय मांगें उठाईं

द्वाराहाट में पंचायत प्रतिनिधियों ने क्यों किया प्रदर्शन?
अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट में सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को पंचायत प्रतिनिधि अपनी लंबित मांगों को लेकर सड़क पर उतरे। ब्लॉक प्रमुख आरती किरौला के नेतृत्व में ग्राम प्रधान संगठन के सदस्यों ने मुख्य चौराहे पर प्रदर्शन किया और गांवों से जुड़ी समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की। प्रतिनिधियों का कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी सुविधाओं और पंचायतों के कामकाज से जुड़े मुद्दों पर ठोस कार्रवाई की जरूरत है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति की मांग
प्रदर्शन के दौरान द्वाराहाट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। पंचायत प्रतिनिधियों ने मांग की कि अस्पताल में विशेषज्ञ की तैनाती की जाए, ताकि स्थानीय लोगों को जरूरी जांच और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े। पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता ग्रामीणों के लिए अहम विषय है।
मनरेगा के लंबित भुगतान और नियमों में बदलाव की मांग
पंचायत प्रतिनिधियों ने मनरेगा यानी जीरामजी योजना से जुड़े लंबित भुगतान जल्द जारी करने की मांग की। उनका कहना था कि पहाड़ी क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियां मैदानी इलाकों से अलग हैं, इसलिए योजना के नियमों और कार्यप्रणाली में स्थानीय जरूरतों के अनुरूप ढील दी जानी चाहिए।
इसके साथ ही पंचायतों पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को कम करने और विकास कार्यों के संचालन में पंचायतों की भूमिका स्पष्ट करने की मांग भी उठाई गई।
विधायकों को सौंपा दस सूत्रीय मांगपत्र
प्रदर्शन के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों ने गैरसैंण जा रहे कई विधायकों से मुलाकात की। इनमें नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी और स्थानीय विधायक मदन सिंह बिष्ट सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल थे। प्रतिनिधियों ने उन्हें दस सूत्रीय मांगपत्र सौंपकर विधानसभा में ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं पर चर्चा कराने की अपील की।
27 अक्टूबर को गैरसैंण जाने की घोषणा
पंचायत प्रतिनिधियों ने 27 अक्टूबर को गैरसैंण पहुंचकर अपनी मांगें सरकार के सामने रखने की बात कही। उत्तराखंड विधानसभा का दो दिवसीय सत्र भराड़ीसैंण, गैरसैंण में 27 अक्टूबर से शुरू होना निर्धारित है। प्रतिनिधियों को उम्मीद है कि सदन में उनके मुद्दे उठाए जाने से संबंधित विभागों का ध्यान समस्याओं की ओर जाएगा। हालांकि, इन मांगों पर सरकार की ओर से किसी निर्णय की जानकारी उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं दी गई है।
पंचायत प्रतिनिधियों को समाधान की उम्मीद
द्वाराहाट में हुआ प्रदर्शन स्वास्थ्य सेवाओं, मनरेगा भुगतान और पंचायतों के अधिकारों से जुड़े ग्रामीण मुद्दों को सामने लाता है। अब पंचायत प्रतिनिधियों की नजर गैरसैंण विधानसभा सत्र पर है। उनकी मांग है कि पहाड़ी क्षेत्रों की जरूरतों के अनुसार योजनाओं को लागू किया जाए और लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।



