खरगे की टिप्पणी पर BJP का प्रदर्शन, पटना में पुतला फूंका

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान के विरोध में बिहार भाजपा ने सोमवार को पटना में प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय से निकले और आयकर गोलंबर होते हुए डाकबंगला चौराहे तक मार्च किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ नारे लगाए और खरगे का पुतला दहन किया।
पुतले को थप्पड़ मारकर जताया विरोध
प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने खरगे के पुतले को थप्पड़ मारकर अपना विरोध दर्ज कराया। मार्च में बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव, विधानसभा के मुख्य सचेतक संजीव चौरसिया और कई विधायक व पार्टी पदाधिकारी शामिल हुए। भाजपा नेताओं ने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन नेताओं के परिवार और दिवंगत परिजनों को लेकर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।
संजय सरावगी ने क्या कहा?
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने खरगे की टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और राजनीति से असहमति हो सकती है, लेकिन उनके दिवंगत माता-पिता के बारे में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है। उन्होंने इसे राजनीतिक मर्यादा के विरुद्ध बताया और कांग्रेस नेतृत्व से माफी मांगने की मांग की। सरावगी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों को जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए, न कि व्यक्तिगत टिप्पणियों के जरिए विवाद पैदा करना चाहिए।
25 अक्टूबर को पटना के कार्यक्रम में क्या हुआ था?
यह विवाद पटना में बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक, भाषण के दौरान दर्शकों में मौजूद एक व्यक्ति ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कहीं नहीं जाने वाले। इसके जवाब में खरगे ने टिप्पणी की, जिसके शब्दों को लेकर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई। भाजपा ने इसे प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता का अपमान बताया।
कांग्रेस ने भी रखा अपना पक्ष
भाजपा के आरोपों के जवाब में कांग्रेस ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान पहले खरगे के दिवंगत पिता को लेकर टिप्पणी की गई थी। कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा के अनुसार, खरगे की टिप्पणी का संदर्भ प्रधानमंत्री के वैचारिक पिता यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से था। इस तरह विवाद में दोनों दलों के बयान सामने आए हैं और टिप्पणी के आशय को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।
भाजपा ने माफी की मांग उठाई
पटना में प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने खरगे और राहुल गांधी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। पार्टी ने इस मुद्दे पर देश के अन्य हिस्सों में भी विरोध प्रदर्शन किए। वहीं, कांग्रेस ने भाजपा पर बयान को संदर्भ से अलग करके पेश करने का आरोप लगाया। इस विवाद के बीच राजनीतिक संवाद में भाषा और मर्यादा का सवाल फिर चर्चा में आ गया है।
निष्कर्ष
मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी को लेकर पटना में भाजपा का प्रदर्शन कांग्रेस और भाजपा के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव का नया उदाहरण बन गया है। भाजपा ने टिप्पणी को प्रधानमंत्री के परिवार का अपमान बताते हुए माफी की मांग की, जबकि कांग्रेस ने बयान का अलग संदर्भ पेश किया। मामले में दोनों पक्षों के बयानों को ध्यान में रखते हुए विवाद को समझना जरूरी है।



