
भारत के इतिहास के सबसे बड़े बैंक घोटालों में से एक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाला एक बार फिर चर्चा में है। इस मामले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी लंबे समय से देश से बाहर रहकर कानून से बचते रहे हैं। हालांकि अब भारत सरकार की कोशिशों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के चलते उनके प्रत्यर्पण (Extradition) की संभावना और मजबूत होती जा रही है। हाल ही में ब्रिटेन से आई एक विशेष टीम ने दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल का दौरा किया, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पर तेजी से काम हो रहा है।
नीरव मोदी और मेहुल चोकसी पर आरोप है कि उन्होंने बैंकों के माध्यम से फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) जारी कराकर लगभग 13,500 करोड़ रुपये का घोटाला किया। यह मामला केवल भारत ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुर्खियों में रहा, क्योंकि इसमें विदेशी बैंकों और कई देशों के अधिकारियों की भूमिकाओं की जांच हुई।
ब्रिटेन की टीम का तिहाड़ जेल का दौरा करना बेहद अहम माना जा रहा है। प्रत्यर्पण की प्रक्रिया के दौरान संबंधित देश यह सुनिश्चित करता है कि जिस देश में आरोपी को भेजा जा रहा है, वहां की जेलों की स्थिति मानवाधिकारों और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो। तिहाड़ जेल भारत की सबसे बड़ी और सुरक्षित जेलों में गिनी जाती है, और यहां वीआईपी बंदियों से लेकर गंभीर अपराधियों तक को रखा जाता है। माना जा रहा है कि यह दौरा नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की दिशा में एक बड़ा कदम है।
भारत सरकार लगातार इन दोनों भगोड़ों को देश वापस लाने के प्रयास कर रही है। सीबीआई (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके खिलाफ कई चार्जशीट दाखिल की हैं। नीरव मोदी फिलहाल ब्रिटेन की जेल में बंद है और वहां अदालत में प्रत्यर्पण मामले पर सुनवाई चल रही है। वहीं, मेहुल चोकसी कैरेबियाई देश एंटीगुआ और बारबुडा में शरण लेने के बाद से कानूनी दांव-पेंच का सहारा लेकर प्रत्यर्पण से बच रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ब्रिटेन की टीम की रिपोर्ट सकारात्मक आती है, तो नीरव मोदी को जल्द ही भारत लाया जा सकता है। इसके बाद मेहुल चोकसी के खिलाफ भी दबाव और तेज होगा। भारत की जनता लंबे समय से इस मामले में न्याय की प्रतीक्षा कर रही है, क्योंकि इस घोटाले ने न केवल बैंकिंग सिस्टम की छवि को धक्का पहुंचाया बल्कि आम जनता के विश्वास को भी हिला दिया था।
कुल मिलाकर, तिहाड़ जेल का यह दौरा संकेत देता है कि भारत के प्रयास अब रंग ला सकते हैं। यदि नीरव मोदी और मेहुल चोकसी को भारत लाया जाता है, तो यह न केवल देश की न्याय व्यवस्था की बड़ी जीत होगी बल्कि भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराधों के खिलाफ सख्त संदेश भी जाएगा।



