पश्चिम एशिया से भारत का तेल आयात युद्ध-पूर्व स्तर पर पहुंचा, रोज आ रहे 28 लाख बैरल

भारत के कच्चे तेल के आयात को लेकर अहम अपडेट सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम एशिया से भारत को होने वाली तेल आपूर्ति युद्ध से पहले के स्तर पर पहुंच गई है। इस क्षेत्र से हर दिन करीब 28 लाख बैरल क्रूड ऑयल भारत पहुंच रहा है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए विदेशी बाजारों से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदता है, इसलिए पश्चिम एशिया से आयात में यह बदलाव देश की ऊर्जा आपूर्ति और तेल व्यापार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पश्चिम एशिया वैश्विक तेल उत्पादन और आपूर्ति का प्रमुख केंद्र है। इस क्षेत्र से भारत को होने वाली आपूर्ति में बदलाव का असर देश के आयात स्रोतों और तेल खरीद की रणनीति पर पड़ सकता है। रिपोर्ट में रूस से भारत के कच्चे तेल के आयात में गिरावट का भी जिक्र किया गया है, जो तेल खरीद के स्रोतों में हो रहे बदलाव की ओर संकेत करता है। हालांकि, आयात के आंकड़ों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें, परिवहन लागत और भू-राजनीतिक परिस्थितियां भी भारत के ऊर्जा खर्च को प्रभावित करती हैं।



