
शनिवार की सुबह लोगों के लिए दहशत भरी साबित हुई जब भूकंप के तेज झटकों से धरती हिल उठी। यह झटके भारत से लेकर पाकिस्तान तक महसूस किए गए, जिससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कई राज्यों में लोग घरों से बाहर निकल आए और कुछ समय तक सड़कों पर ही डटे रहे। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर लगभग 6.1 मापी गई और इसका केंद्र अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र के पास था।
उत्तर भारत के कई हिस्सों जैसे दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश के पश्चिमी इलाकों में झटके स्पष्ट रूप से महसूस किए गए। अचानक धरती हिलने से लोगों को कुछ क्षणों के लिए समझ नहीं आया कि क्या हो रहा है। सोशल मीडिया पर लोगों ने भूकंप के वीडियो और अनुभव साझा करते हुए बताया कि झटके 20 से 30 सेकंड तक महसूस किए गए।
पाकिस्तान के इस्लामाबाद, पेशावर और लाहौर में भी भूकंप के झटके दर्ज किए गए। वहां भी लोग अपने घरों और ऑफिसों से बाहर निकलकर खुले मैदानों में पहुंच गए। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन कुछ इलाकों में दीवारों में दरारें आने और पुराने मकानों में हल्की क्षति की खबरें सामने आई हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस क्षेत्र में भूकंप आने का कारण टेक्टोनिक प्लेट्स की लगातार हलचल है। भारत और यूरेशियन प्लेट्स के टकराव से यह इलाका भूकंपीय रूप से संवेदनशील माना जाता है। इसलिए यहां समय-समय पर मध्यम से तेज झटके महसूस होते रहते हैं।
भूकंप के बाद प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव दल को तैयार रखा गया है। लोगों से अपील की गई है कि अफवाहों से बचें और किसी भी तरह की क्षति या दरार दिखने पर तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित करें।
सुबह-सुबह आए इस भूकंप ने एक बार फिर सभी को यह एहसास दिलाया कि प्रकृति के सामने इंसान कितना असहाय है। हालांकि फिलहाल राहत की बात यह है कि किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली, लेकिन इस घटना ने लोगों के मन में डर और सतर्कता दोनों ही बढ़ा दिए हैं।



