UP News: धर्मान्तरण रैकेट पर सीएम योगी सख्त, पुलिस को AI तकनीक के इस्तेमाल के निर्देश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध धर्मान्तरण के खिलाफ एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस और खुफिया एजेंसियों को आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए हैं। सीएम योगी ने स्पष्ट कहा कि धर्मान्तरण रैकेट समाज की एकता, कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती हैं, जिन्हें जड़ से समाप्त करना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से उन्होंने पुलिस को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर इन रैकेटों को नेस्तनाबूद करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अपराध के तरीके तेजी से बदल रहे हैं और अपराधी डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया तथा फर्जी पहचान का सहारा लेकर अपने नेटवर्क को फैलाते हैं। ऐसे में पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ तकनीकी समाधान अपनाना समय की जरूरत है। AI के जरिए डेटा एनालिसिस, पैटर्न पहचान, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी और डिजिटल ट्रांजैक्शन पर नजर रखकर धर्मान्तरण से जुड़े संगठित गिरोहों तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।
सीएम योगी ने यह भी कहा कि अवैध धर्मान्तरण केवल कानून का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सौहार्द को तोड़ने का प्रयास भी है। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी व्यक्ति को लालच, दबाव या धोखे से धर्म बदलने के लिए मजबूर न किया जाए। इसके लिए पुलिस, साइबर सेल और खुफिया विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। AI आधारित टूल्स से संदिग्ध कॉल्स, मैसेज, फंडिंग पैटर्न और नेटवर्क कनेक्शन की पहचान कर समय रहते कार्रवाई की जा सकेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि कार्रवाई पूरी तरह कानून के दायरे में, पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए, ताकि निर्दोष लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। साथ ही पुलिसकर्मियों को नई तकनीकों का प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया गया, जिससे वे AI और डिजिटल टूल्स का प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें।
योगी सरकार का मानना है कि तकनीक और सख्त कानून के संयोजन से अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। AI के इस्तेमाल से न केवल अपराधियों की पहचान आसान होगी, बल्कि भविष्य में ऐसे रैकेट पनपने से पहले ही रोके जा सकेंगे। सीएम योगी के इस निर्देश को उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जो राज्य को सुरक्षित और संगठित अपराध से मुक्त बनाने में मदद करेगा।



