Putrada Ekadashi 2026: सिद्ध और रवि योग में बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा, जानें शुभ संयोग

Putrada Ekadashi हिंदू धर्म में अत्यंत पावन और फलदायी व्रत माना जाता है। यह व्रत विशेष रूप से संतान सुख, पारिवारिक खुशहाली और आर्थिक समृद्धि के लिए किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं। इस वर्ष Putrada Ekadashi पर सिद्ध योग और रवि योग जैसे कई मंगलकारी संयोग बन रहे हैं, जिससे इस व्रत का महत्व और भी बढ़ गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सिद्ध योग में किए गए शुभ कार्यों का फल शीघ्र और कई गुना प्राप्त होता है, वहीं रवि योग सभी प्रकार की बाधाओं को दूर कर सफलता दिलाने वाला माना जाता है।
इन शुभ योगों में Putrada Ekadashi का व्रत रखने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बरसती है और घर में धन, वैभव व सुख-समृद्धि का वास होता है। संतान की इच्छा रखने वाले दंपतियों के लिए यह दिन अत्यंत शुभ माना गया है। पुराणों में उल्लेख मिलता है कि इस व्रत को श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से संतान संबंधी बाधाएं दूर होती हैं और वंश वृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही, यह व्रत मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान करता है।
Putrada Ekadashi के दिन प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और भगवान विष्णु की पूजा करें। पीले फूल, तुलसी दल, धूप-दीप और नैवेद्य अर्पित करना विशेष शुभ माना जाता है। “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप करने से साधक को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करने से मां लक्ष्मी शीघ्र प्रसन्न होती हैं। व्रत के दौरान सात्विक आहार और संयम का पालन करना चाहिए।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, सिद्ध और रवि योग का संयोग दुर्लभ माना जाता है। ऐसे में Putrada Ekadashi पर किए गए पूजा-पाठ और दान का प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है। यह दिन न केवल संतान सुख बल्कि करियर, व्यापार और पारिवारिक जीवन में भी उन्नति दिलाने वाला सिद्ध होता है। यदि श्रद्धा, विश्वास और नियमों के साथ इस व्रत का पालन किया जाए, तो निश्चित रूप से मां लक्ष्मी की कृपा से जीवन में खुशियों की वर्षा होती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।



