योगी सरकार का ग्रीन बजट: 60 विभागों की ग्रीन टैगिंग, 35 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य

उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को नीति के केंद्र में रखते हुए ग्रीन बजट की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। राज्य में अब तक करीब 60 विभागों की योजनाओं को ‘ग्रीन टैगिंग’ के दायरे में लाया जा चुका है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी खर्च का एक बड़ा हिस्सा पर्यावरण के अनुकूल गतिविधियों, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से निपटने वाली पहलों पर लगाया जाए। इस पहल के साथ सरकार ने वर्ष के दौरान 35 करोड़ पौधे लगाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी तय किया है।
ग्रीन टैगिंग के माध्यम से सरकार यह आकलन कर पाएगी कि किन योजनाओं से पर्यावरण को सीधा लाभ मिल रहा है। इसमें वन, कृषि, ऊर्जा, परिवहन, शहरी विकास और ग्रामीण विकास जैसे कई प्रमुख विभाग शामिल हैं। राज्य सरकार का मानना है कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। इसी सोच के तहत बजट प्रावधानों को नई दिशा दी जा रही है, ताकि आर्थिक प्रगति के साथ-साथ हरित आवरण भी बढ़े।
पौधारोपण अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने की भी रणनीति बनाई गई है। स्कूलों, स्वयंसेवी संगठनों, ग्राम पंचायतों और शहरी निकायों को इसमें सक्रिय भूमिका दी जाएगी। पिछले वर्षों में हुए वृक्षारोपण अभियानों के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए सरकार को उम्मीद है कि इस बार भी बड़े पैमाने पर हरियाली बढ़ेगी। इससे न केवल प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि भूजल संरक्षण, जैव विविधता और जलवायु संतुलन को भी मजबूती मिलेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रीन बजटिंग की यह पहल उत्तर प्रदेश को पर्यावरणीय नीति के क्षेत्र में अग्रणी बना सकती है। यदि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो आने वाले वर्षों में इसका असर साफ दिखाई देगा। सरकार का दावा है कि विकास परियोजनाओं के साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारी निभाते हुए राज्य को एक हरित और समृद्ध भविष्य की ओर ले जाना ही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।



