
ईरान के साथ जारी तनाव और संभावित युद्ध की स्थिति को लेकर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने अपनी रणनीति और फैसलों का आकलन करते हुए खुद को 10 में से 15 नंबर दिए और कहा कि इस पूरे मामले में अमेरिका की स्थिति पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। ट्रंप ने कहा कि अगर उनकी नीतियों और रणनीतियों को देखा जाए तो अमेरिका ने हमेशा ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है और इसी वजह से आज भी अमेरिका की पकड़ मजबूत बनी हुई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके कार्यकाल के दौरान लगाए गए प्रतिबंधों ने Iran की अर्थव्यवस्था को काफी कमजोर किया था और इससे अमेरिका को रणनीतिक बढ़त मिली। ट्रंप ने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने कभी भी ईरान को परमाणु हथियार बनाने की दिशा में खुली छूट नहीं दी और यही वजह है कि अमेरिका की सुरक्षा नीति सफल रही। इस दौरान उन्होंने Joe Biden प्रशासन की नीतियों पर भी सवाल उठाए और कहा कि वर्तमान नेतृत्व की नरम नीति के कारण क्षेत्र में तनाव बढ़ा है। ट्रंप के मुताबिक अगर अमेरिका सख्त रुख बनाए रखे तो ईरान को पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी विदेश नीति का मूल उद्देश्य हमेशा अमेरिका की ताकत को बनाए रखना और विरोधियों को स्पष्ट संदेश देना रहा है। ट्रंप के बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर बहस तेज हो गई है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का भविष्य क्या होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में किसी भी तरह की सैन्य टकराव की स्थिति पूरी दुनिया की राजनीति और अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकती है। फिलहाल दोनों देशों के बीच बयानबाजी जारी है और वैश्विक समुदाय इस स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए है। ऐसे में ट्रंप का यह बयान एक बार फिर अमेरिका की आंतरिक राजनीति और विदेश नीति की बहस को हवा दे रहा है।



