
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने एक बड़ा सैन्य अभियान चलाते हुए होर्मुज स्ट्रेट में ईरान की कथित ‘समुद्री सुरंग’ यानी माइन बिछाने की रणनीति को ध्वस्त कर दिया। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के अनुसार, ईरान इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में बड़ी संख्या में समुद्री बारूदी सुरंगें (माइंस) बिछाकर अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही बाधित करने की तैयारी कर रहा था। इसी योजना के तहत ईरान के कई जहाज गुप्त रूप से स्ट्रेट में सक्रिय थे। अमेरिकी नौसेना ने खुफिया जानकारी मिलने के बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन शुरू किया और माइन बिछाने में शामिल 16 जहाजों को निशाना बनाकर तबाह कर दिया। हमले के बाद समुद्र में कई जगह धुएं के गुबार और आग की लपटें देखी गईं, जिसके वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। बताया जा रहा है कि ये जहाज समुद्र की सतह के नीचे विस्फोटक सुरंगें लगाने के लिए विशेष उपकरणों से लैस थे। अमेरिका का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक व्यापार के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल गुजरता है। ऐसे में यदि यहां बारूदी सुरंगें बिछा दी जातीं तो अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता था। इस कार्रवाई को अमेरिका ने ‘रक्षा और वैश्विक सुरक्षा’ के लिए जरूरी बताया है। दूसरी ओर, ईरान ने इस हमले को आक्रामक कदम बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है। क्षेत्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ सकता है तथा वैश्विक तेल बाजार पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। होर्मुज स्ट्रेट पहले से ही रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है और यहां किसी भी सैन्य कार्रवाई का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है। फिलहाल अमेरिका ने इलाके में अपनी नौसैनिक मौजूदगी और बढ़ा दी है, जबकि कई देशों ने अपने व्यापारिक जहाजों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। इस घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई हैं, क्योंकि किसी भी बड़े टकराव से वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।


