
भारत में डेंगू से लड़ाई को बड़ी मजबूती मिलने वाली है, क्योंकि देश की पहली स्वदेशी डेंगू वैक्सीन दिसंबर 2026 तक उपलब्ध हो सकती है। इस वैक्सीन का अंतिम चरण का क्लिनिकल ट्रायल King George’s Medical University (KGMU) समेत देश के 19 प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में चल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआती चरणों में वैक्सीन के परिणाम उत्साहजनक रहे हैं, जिससे उम्मीद बढ़ी है कि यह डेंगू की रोकथाम में कारगर साबित होगी।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्वदेशी वैक्सीन के आने से हर साल डेंगू के बढ़ते मामलों पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा। वर्तमान में डेंगू का कोई विशेष इलाज नहीं है, ऐसे में यह वैक्सीन एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। ट्रायल के अंतिम चरण में इसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता का गहन परीक्षण किया जा रहा है। अगर सब कुछ तय समय के अनुसार रहा, तो यह वैक्सीन न केवल भारत में बल्कि अन्य देशों में भी डेंगू से बचाव का एक सशक्त विकल्प बन सकती है।



