
कांग्रेस नेता Pawan Khera को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। असम पुलिस की कार्रवाई और उनके जाने के तरीके पर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने बयान दिया है कि कांग्रेस के ही कुछ नेता पवन खेड़ा को लेकर सवाल उठा रहे हैं और उन्हें “ठीक करने” जैसी बातें कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे मामले में चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए PIL दायर की जाएगी। इस मुद्दे ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है और विपक्ष तथा सत्तापक्ष के बीच बयानबाज़ी तेज हो गई है।
इस मामले को लेकर राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। विपक्ष का कहना है कि सरकार केंद्रीय एजेंसियों और पुलिस तंत्र का उपयोग राजनीतिक दबाव बनाने के लिए कर रही है, जबकि सत्ता पक्ष इसे कानून-व्यवस्था की सामान्य कार्रवाई बता रहा है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है, जिससे माहौल और अधिक गरमा गया है।
Pawan Khera से जुड़े इस घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। समर्थक इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर सवाल बता रहे हैं, वहीं विरोधी इसे राजनीतिक बयानबाज़ी का हिस्सा मान रहे हैं। इस पूरे विवाद ने एक बार फिर केंद्र और विपक्ष के बीच भरोसे की खाई को उजागर कर दिया है।
इधर, Himanta Biswa Sarma ने दोहराया है कि राज्य में कानून अपना काम कर रहा है और किसी भी तरह की प्रक्रिया में कोई अनियमितता नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को आपत्ति है तो वह न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकता है। इस बयान के बाद मामला और अधिक राजनीतिक रूप लेता जा रहा है और आने वाले दिनों में इस पर और बयानबाज़ी होने की संभावना है।



