खसरा-खतौनी के आधार पर मिलेगी यूरिया-DAP, सरकार ने तय की खाद की लिमिट

कृषि विभाग ने किसानों के लिए खाद वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब खसरा-खतौनी के आधार पर ही किसानों को यूरिया और DAP उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही खाद की अधिकतम मात्रा (लिमिट) भी तय कर दी गई है, ताकि जरूरत के अनुसार ही वितरण हो सके और कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सके।
इस नई व्यवस्था का उद्देश्य खाद की उपलब्धता को पारदर्शी बनाना और सभी किसानों तक समान रूप से पहुंच सुनिश्चित करना है। अधिकारियों के मुताबिक, इससे फर्जी खरीद पर रोक लगेगी और छोटे किसानों को भी समय पर खाद मिल सकेगी। किसानों को अब अपने जमीन के रिकॉर्ड के अनुसार ही खाद खरीदने की अनुमति होगी, जिससे संसाधनों का बेहतर प्रबंधन संभव हो सकेगा।
सरकार का मानना है कि इस फैसले से खेती की लागत पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी और कृषि क्षेत्र में संतुलन बना रहेगा। हालांकि, कुछ किसानों ने इस व्यवस्था को लेकर चिंता भी जताई है कि कहीं इससे जरूरत के समय पर्याप्त खाद मिल पाने में दिक्कत न हो।



