सीएम योगी: 2017 से पहले यूपी में खेल प्रतिभाएं होती थीं नजरअंदाज

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में खेल प्रतिभाएं अक्सर उपेक्षा का शिकार होती थीं। कई होनहार खिलाड़ी संसाधनों की कमी और उचित मार्गदर्शन न मिलने के कारण आगे नहीं बढ़ पाते थे। उन्होंने कहा कि उस समय खेलों के लिए मजबूत व्यवस्था का अभाव था, जिससे युवाओं की प्रतिभा दबकर रह जाती थी।
उन्होंने बताया कि मौजूदा सरकार ने खेल क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए नई नीतियां लागू की हैं। इसके तहत खिलाड़ियों के लिए आधुनिक स्टेडियम, प्रशिक्षण केंद्र और वित्तीय सहायता की व्यवस्था की गई है। इससे प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है।
सीएम ने यह भी कहा कि अब ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को भी आगे आने का अवसर मिल रहा है। खेल प्रतियोगिताओं और योजनाओं के माध्यम से युवाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे प्रदेश में एक नई खेल संस्कृति विकसित हो रही है।



