
मुख्यमंत्री पद संभालते ही सुवेंदु अधिकारी एक्शन मोड में नजर आए और उन्होंने राज्य में कई बड़े फैसलों का ऐलान कर दिया। उन्होंने BSF को 45 दिनों के भीतर जरूरी जमीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि सीमा सुरक्षा से जुड़े कार्यों में तेजी लाई जा सके। इसके साथ ही राज्य में आयुष्मान भारत योजना लागू करने की घोषणा कर स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया। सुवेंदु अधिकारी ने प्रशासनिक सुधार, निवेश बढ़ाने, कानून-व्यवस्था सख्त करने और सरकारी योजनाओं की निगरानी तेज करने जैसे फैसले भी लिए, जिससे राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
सुवेंदु अधिकारी ने अपने पहले संबोधन में साफ कहा कि उनकी सरकार विकास, सुरक्षा और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता से जुड़े कामों में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्य में लंबित परियोजनाओं को जल्द पूरा करने और निवेशकों को बेहतर माहौल देने के लिए नई नीति पर काम शुरू करने की बात भी कही गई है।
आयुष्मान भारत योजना लागू होने से लाखों गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं BSF को जमीन देने के फैसले को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मुख्यमंत्री बनते ही सुवेंदु अधिकारी ने ताबड़तोड़ फैसलों के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि उनकी सरकार तेज फैसले लेने और प्रशासनिक बदलाव लाने के लिए तैयार है। विपक्ष हालांकि इन घोषणाओं को राजनीतिक रणनीति बता रहा है, लेकिन जनता के बीच इन फैसलों की चर्चा तेज हो गई है।



