
उत्तर प्रदेश सरकार ने बाल श्रमिक विद्या योजना के विस्तार की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। इस योजना का उद्देश्य बाल श्रम में फंसे बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना और उनके पुनर्वास को सुनिश्चित करना है। सरकार अब अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चों तक इस योजना का लाभ पहुंचाने पर जोर दे रही है।
योजना के तहत बच्चों को आर्थिक सहायता, शैक्षणिक सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती है, ताकि वे मजदूरी छोड़कर पढ़ाई की ओर लौट सकें। अधिकारियों के अनुसार, पुनर्वास प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के लिए शिक्षा विभाग, श्रम विभाग और सामाजिक कल्याण विभाग के बीच बेहतर समन्वय पर काम किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बाल श्रम की समस्या को खत्म करने के लिए केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि शिक्षा और जागरूकता भी बेहद जरूरी है। सरकार की यह पहल बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने और उन्हें बेहतर अवसर देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



