उत्तर प्रदेशबड़ी खबर
यूपी गन्ना सर्वेक्षण में अंतःफसली खेती का भी होगा रिकॉर्ड, 30 जून तक चलेगा सर्वे


उत्तर प्रदेश में इस बार गन्ना सर्वेक्षण को और अधिक व्यापक बनाने की तैयारी की गई है। अब सर्वेक्षण के दौरान किसानों द्वारा की जा रही अंतःफसली खेती का भी विस्तृत विवरण दर्ज किया जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों की वास्तविक स्थिति और उत्पादन क्षमता का सही आकलन करना है, ताकि भविष्य में नीतियों और योजनाओं को और प्रभावी बनाया जा सके। यह सर्वेक्षण 30 जून तक पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा।
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से गन्ना उत्पादन के साथ-साथ अन्य फसलों की जानकारी भी एक ही डाटा में उपलब्ध हो सकेगी। इससे किसानों को मिलने वाली सुविधाओं और योजनाओं का बेहतर तरीके से लाभ पहुंचाया जा सकेगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी पात्र किसान को योजना से वंचित न रहना पड़े।
सरकार का मानना है कि आधुनिक तकनीक और सटीक डेटा के माध्यम से कृषि व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सकता है। गन्ना सर्वेक्षण में यह नया बदलाव किसानों की आय बढ़ाने और कृषि नीति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।