


भारत में प्रजनन दर (Total Fertility Rate) को लेकर जारी नए आंकड़ों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। रिपोर्ट के अनुसार, देश के अधिकांश राज्यों में जन्म दर में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि बिहार और उत्तर प्रदेश समेत कुछ राज्यों में यह दर अपेक्षाकृत अधिक बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा, शहरीकरण, स्वास्थ्य सुविधाओं और आर्थिक बदलावों के कारण परिवारों में बच्चों की संख्या कम हो रही है। इसका असर आने वाले वर्षों में देश की जनसंख्या संरचना पर भी देखने को मिल सकता है।
नीति विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव लंबे समय में कार्यबल, सामाजिक ढांचे और आर्थिक योजनाओं को प्रभावित करेगा। हालांकि कुछ राज्यों में उच्च प्रजनन दर अभी भी जनसंख्या संतुलन के लिए चुनौती बनी हुई है।