बार-बार खाने का मन? स्ट्रेस हो सकता है कारण

क्या आपको भी थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ मीठा, नमकीन या पसंदीदा खाना खाने का मन करता है? अगर पेट भरा होने के बावजूद खाने की इच्छा बनी रहती है, तो इसके पीछे सिर्फ भूख नहीं बल्कि तनाव भी एक कारण हो सकता है। इस आदत को ‘स्ट्रेस ईटिंग’ या ‘इमोशनल ईटिंग’ कहा जाता है।
तनाव के दौरान शरीर में कॉर्टिसोल जैसे हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है, जिससे कई लोगों को ज्यादा खाने की इच्छा होने लगती है। ऐसे समय में लोग अक्सर हाई कैलोरी वाले खाद्य पदार्थ जैसे चिप्स, मिठाई या फास्ट फूड की ओर ज्यादा आकर्षित होते हैं।
स्ट्रेस ईटिंग के कुछ आम संकेत हैं—बिना भूख के खाना, मूड खराब होने पर खाने की इच्छा बढ़ना, खाने के बाद भी संतुष्टि न मिलना और तनाव कम करने के लिए बार-बार भोजन का सहारा लेना।
अगर यह आदत लंबे समय तक बनी रहे तो वजन बढ़ने, नींद की समस्या और शरीर में ऊर्जा असंतुलन जैसी परेशानियां हो सकती हैं। इसलिए यह समझना जरूरी है कि भूख शारीरिक है या भावनात्मक।
स्ट्रेस ईटिंग को कम करने के लिए तनाव के कारणों को पहचानना जरूरी है। नियमित व्यायाम, ध्यान, पर्याप्त नींद, पानी पीना और खाने का समय तय करना मददगार हो सकता है। जब अचानक कुछ खाने का मन करे, तो कुछ मिनट रुककर खुद से पूछें कि क्या सच में भूख लगी है या सिर्फ तनाव की वजह से ऐसा महसूस हो रहा है।
अगर बार-बार खाने की आदत नियंत्रण से बाहर हो रही है या इसका असर स्वास्थ्य पर पड़ रहा है, तो किसी डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर विकल्प हो सकता है।



