बच्चा छोटी जिम्मेदारी से भी भागता है? एक्सपर्ट ने बताया बच्चों को जिम्मेदार बनाने का तरीका

कई माता-पिता की शिकायत होती है कि बच्चा छोटा सा काम करने के लिए कहने पर भी नखरे करने लगता है। पानी का गिलास लाने, अपना सामान संभालने या कमरे को व्यवस्थित करने जैसे छोटे कामों में भी बच्चे कई बार आनाकानी करते हैं। ऐसे में डांटने के बजाय उन्हें जिम्मेदारी समझाने का सही तरीका अपनाना जरूरी है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, बच्चों को जिम्मेदार बनाने का सबसे अच्छा तरीका है कि उन्हें उम्र के हिसाब से छोटे-छोटे कामों की जिम्मेदारी दी जाए। जब बच्चे खुद कोई काम पूरा करते हैं, तो उनमें आत्मविश्वास और अपनी क्षमता पर भरोसा बढ़ता है।
माता-पिता को शुरुआत में बच्चों से बहुत बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। छोटे कामों से शुरुआत करें, जैसे अपनी किताबें व्यवस्थित करना, खिलौने जगह पर रखना या खाने के बाद अपनी प्लेट सही जगह रखना।
बच्चे के काम करने पर उसकी तारीफ करना भी जरूरी है। सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने से बच्चा उस काम को बोझ नहीं बल्कि अपनी उपलब्धि समझने लगता है।
अगर बच्चा किसी काम से मना करे, तो तुरंत गुस्सा करने के बजाय उससे कारण पूछें। कई बार बच्चे थकान, डर या आदत न होने की वजह से जिम्मेदारी से बचते हैं।
बच्चों को जिम्मेदार बनाना एक धीरे-धीरे चलने वाली प्रक्रिया है। धैर्य, सही उदाहरण और नियमित अभ्यास से उनमें आत्मनिर्भरता और जिम्मेदारी की भावना विकसित की जा सकती है।
माता-पिता खुद भी अपने व्यवहार से बच्चों को सीख देते हैं। घर के छोटे कामों में भागीदारी और मिल-जुलकर जिम्मेदारियां निभाना बच्चों के लिए सबसे प्रभावी सीख बन सकता है।



