जयशंकर का बयान: क्वाड बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर फोकस की जरूरत

क्वाड विदेश मंत्रियों की हालिया बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी सदस्य देशों को अधिक सक्रिय और समन्वित भूमिका निभानी होगी। जयशंकर ने जोर देकर कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र वैश्विक व्यापार और सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए यहां किसी भी प्रकार की अस्थिरता का असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।
बैठक के दौरान क्वाड देशों के बीच क्षेत्रीय सहयोग, समुद्री सुरक्षा, और आपसी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। भारत ने स्पष्ट किया कि एक स्वतंत्र, खुला और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र सभी देशों के हित में है। इस दौरान विभिन्न वैश्विक चुनौतियों और उभरते सुरक्षा खतरों पर भी विचार साझा किए गए।
विशेषज्ञों का मानना है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र आज वैश्विक शक्ति संतुलन का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है, और ऐसे में क्वाड की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। जयशंकर का यह बयान भारत की विदेश नीति में इस क्षेत्र की प्राथमिकता को और मजबूत करता है।



