क्रिटिकल मिनरल्स पर भारत का मास्टरप्लान: अमेरिका-जापान-ऑस्ट्रेलिया के साथ बड़ी रणनीति

भारत ने क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में अपनी निर्भरता को कम करने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ मिलकर एक बड़ा रणनीतिक मास्टरप्लान तैयार किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य चीन के प्रभुत्व को संतुलित करना और महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों की सुरक्षित और स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
इस योजना के तहत चारों देश मिलकर रेयर अर्थ एलिमेंट्स और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों की खोज, खनन, प्रसंस्करण और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने पर काम करेंगे। साथ ही तकनीकी सहयोग और निवेश बढ़ाकर इन संसाधनों के वैकल्पिक स्रोत विकसित करने की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में क्रिटिकल मिनरल्स की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में यह सहयोग न केवल आर्थिक रूप से बल्कि रणनीतिक रूप से भी भारत और उसके साझेदार देशों के लिए काफी अहम साबित हो सकता है।



