वेदांता डीमर्जर के बाद अनिल अग्रवाल का बड़ा प्लान, सभी कंपनियों को $100 बिलियन बनाने का लक्ष्य

वेदांता समूह के डीमर्जर के बाद चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कंपनी के भविष्य को लेकर बड़ा लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा है कि समूह की प्रत्येक कंपनी को आने वाले समय में 100 बिलियन डॉलर की कंपनी बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने अपनी रणनीति को 3P मॉडल के जरिए समझाया है।
अनिल अग्रवाल के अनुसार, वेदांता की नई कंपनियां अपनी अलग पहचान और विकास क्षमता के साथ आगे बढ़ेंगी। डीमर्जर का उद्देश्य कारोबार को अधिक केंद्रित बनाना, संचालन को बेहतर करना और निवेशकों के लिए अधिक मूल्य तैयार करना है।
उन्होंने अपनी योजना में 3P यानी People, Purpose और Performance पर जोर दिया। उनके मुताबिक, किसी भी कंपनी की सफलता के लिए कुशल लोगों की टीम, स्पष्ट उद्देश्य और लगातार बेहतर प्रदर्शन बेहद जरूरी है। इसी आधार पर कंपनियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की रणनीति तैयार की जा रही है।
वेदांता समूह धातु, खनन, ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधनों जैसे कई क्षेत्रों में कारोबार करता है। डीमर्जर के बाद अलग-अलग कंपनियों के रूप में काम करने से प्रत्येक कारोबार पर ज्यादा ध्यान देने और विकास के नए अवसर तलाशने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अनिल अग्रवाल का मानना है कि भारत में उद्योगों के विस्तार और वैश्विक मांग के बढ़ने से भारतीय कंपनियों के पास बड़े स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर है। अब वेदांता की नई रणनीति और प्रदर्शन पर बाजार की नजरें बनी रहेंगी।



