
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने के बाद कई करदाताओं को रिफंड का इंतजार रहता है, लेकिन कुछ मामलों में रिफंड जारी होने से पहले Section 245 का नोटिस आ सकता है। यह नोटिस तब भेजा जाता है जब आयकर विभाग के रिकॉर्ड में किसी पुराने टैक्स बकाया (Outstanding Demand) की जानकारी होती है और विभाग आपके वर्तमान रिफंड को उस बकाया राशि के साथ समायोजित करने पर विचार करता है। अगर करदाता समय पर जवाब नहीं देता है, तो रिफंड की राशि पुराने टैक्स बकाये में समायोजित की जा सकती है।
Section 245 का नोटिस मिलने का मतलब यह नहीं है कि आपका पूरा रिफंड निश्चित रूप से कट जाएगा, बल्कि यह आयकर विभाग की ओर से एक सूचना होती है कि आपके नाम पर कोई पुरानी टैक्स डिमांड लंबित दिखाई दे रही है। नोटिस मिलने के बाद करदाता को इसकी जांच करनी चाहिए कि डिमांड सही है या नहीं। कई बार पुराने रिकॉर्ड में गलती, गलत गणना, अपडेट न हुई जानकारी या पहले ही भुगतान की गई राशि के कारण भी टैक्स डिमांड दिखाई दे सकती है।
अगर आपको लगता है कि टैक्स डिमांड गलत है, तो आप आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कर सकते हैं। आप डिमांड को स्वीकार, आंशिक रूप से स्वीकार या अस्वीकार करने का विकल्प चुन सकते हैं और जरूरी दस्तावेज भी जमा कर सकते हैं। यदि डिमांड सही नहीं है, तो समय पर जवाब देने से रिफंड को एडजस्ट होने से रोका जा सकता है।
टैक्स विशेषज्ञों के अनुसार, Section 245 नोटिस को नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है। करदाताओं को अपने ई-मेल, आयकर पोर्टल और नोटिस की समयसीमा पर नजर रखनी चाहिए। सही जानकारी और समय पर कार्रवाई करके आप अपने ITR Refund को सुरक्षित रख सकते हैं और अनावश्यक परेशानी से बच सकते हैं।



