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FD vs PPF vs SSY: कहां मिलेगा ज्यादा फायदा? ब्याज, टैक्स छूट और लॉक-इन पीरियड की पूरी तुलना

सुरक्षित निवेश की बात आते ही सबसे पहले फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) का नाम सामने आता है। तीनों योजनाएं अलग-अलग निवेशकों की जरूरतों को पूरा करती हैं। ऐसे में निवेश से पहले इनके प्रमुख अंतर समझना जरूरी है।
1. ब्याज दर
- FD: बैंक और अवधि के अनुसार ब्याज दरें अलग-अलग होती हैं। आमतौर पर 6% से 8% के बीच रिटर्न मिल सकता है।
- PPF: सरकार द्वारा निर्धारित ब्याज दर लागू होती है और समय-समय पर इसमें बदलाव किया जाता है।
- SSY: छोटी बचत योजनाओं में आमतौर पर सबसे आकर्षक ब्याज दरों में से एक मानी जाती है।
2. टैक्स छूट
- FD: टैक्स सेविंग एफडी में आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत छूट मिल सकती है, लेकिन ब्याज आय कर योग्य होती है।
- PPF: निवेश, ब्याज और परिपक्वता राशि तीनों पर टैक्स छूट का लाभ मिलता है।
- SSY: निवेश, अर्जित ब्याज और मैच्योरिटी राशि पूरी तरह कर-मुक्त श्रेणी में आती है।
3. लॉक-इन पीरियड
- FD: सामान्य एफडी में अवधि का चयन निवेशक करता है, जबकि टैक्स सेविंग एफडी में 5 वर्ष का लॉक-इन होता है।
- PPF: 15 वर्ष की लंबी लॉक-इन अवधि होती है।
- SSY: बेटी के नाम पर खोले गए खाते में लंबी अवधि तक निवेश जारी रहता है और विशेष नियम लागू होते हैं।
4. किसके लिए कौन बेहतर?
- FD: उन निवेशकों के लिए जो निश्चित रिटर्न और अपेक्षाकृत अधिक तरलता चाहते हैं।
- PPF: लंबी अवधि की बचत और टैक्स लाभ चाहने वालों के लिए उपयुक्त।
- SSY: बेटी के भविष्य, शिक्षा और विवाह जैसे दीर्घकालिक लक्ष्यों के लिए बेहतरीन विकल्प माना जाता है।
निष्कर्ष
यदि आपका लक्ष्य सुरक्षित निवेश के साथ टैक्स बचत है तो PPF और SSY अधिक आकर्षक हो सकते हैं। वहीं, यदि आपको लचीली अवधि और निश्चित आय चाहिए तो FD बेहतर विकल्प हो सकती है। निवेश का चुनाव हमेशा आपकी आयु, वित्तीय लक्ष्य, जोखिम क्षमता और निवेश अवधि को ध्यान में रखकर करना चाहिए।



