अमृत भारत योजना पर सवाल: 21 करोड़ का बजट, 4 मजदूर और ढाई साल से अधूरा चंदौसी रेलवे स्टेशन

अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत चंदौसी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य की धीमी रफ्तार चर्चा का विषय बन गई है। करीब 21 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इस परियोजना का काम शुरू हुए ढाई साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन निर्माण कार्य अब भी पूरा नहीं हो पाया है।
स्थानीय लोगों और यात्रियों का आरोप है कि स्टेशन पर विकास कार्य अपेक्षित गति से नहीं चल रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि मौके पर सीमित संख्या में श्रमिक दिखाई देते हैं, जिससे परियोजना की प्रगति प्रभावित हो रही है। इसके कारण यात्रियों को भी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
अमृत भारत स्टेशन योजना का उद्देश्य देशभर के रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना और यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करना है। इसके तहत स्टेशन भवन, प्रतीक्षालय, यात्री सुविधाएं, पहुंच मार्ग और अन्य बुनियादी ढांचे को उन्नत किया जाना है।
चंदौसी रेलवे स्टेशन भी इसी योजना के अंतर्गत चयनित स्टेशनों में शामिल है। हालांकि परियोजना की धीमी प्रगति को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं और समयबद्ध कार्य पूरा करने की मांग की जा रही है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि परियोजना से जुड़े कार्य विभिन्न चरणों में किए जा रहे हैं और निर्माण गतिविधियों की नियमित निगरानी की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक अवसंरचना परियोजनाओं में समयबद्ध क्रियान्वयन बेहद महत्वपूर्ण होता है। इससे लागत नियंत्रण के साथ-साथ जनता को योजनाओं का लाभ भी समय पर मिल पाता है। फिलहाल यात्रियों और स्थानीय नागरिकों की नजर इस बात पर है कि स्टेशन का पुनर्विकास कार्य कब पूरा होगा।



