गोमती नदी किनारे अवैध निर्माण पर NGT सख्त, LDA समेत कई विभागों को नोटिस

गोमती नदी के किनारे कथित रूप से नियमों के विरुद्ध किए जा रहे निर्माण कार्यों को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने सख्त रुख अपनाया है। अधिकरण ने मामले की सुनवाई के दौरान संबंधित क्षेत्र में नए निर्माण पर अंतरिम रोक लगाने के निर्देश दिए हैं और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA), सिंचाई विभाग, जल संसाधन विभाग समेत अन्य संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। NGT ने सभी पक्षों से निर्धारित समय के भीतर अपना पक्ष और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि नदी के तटीय क्षेत्र में पर्यावरणीय मानकों और नियामकीय प्रावधानों की अनदेखी करते हुए निर्माण गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिससे नदी के प्राकृतिक प्रवाह, बाढ़ क्षेत्र और पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसी को गंभीरता से लेते हुए अधिकरण ने संबंधित विभागों से यह स्पष्ट करने को कहा है कि निर्माण कार्यों के लिए आवश्यक अनुमतियां ली गई थीं या नहीं तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नियमों का पालन किस प्रकार किया गया।
मामले की अगली सुनवाई में विभागों के जवाब और उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि नदियों के तटीय क्षेत्रों में नियमानुसार विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। वहीं, NGT के इस कदम को नदी तंत्र की सुरक्षा और पर्यावरणीय नियमों के प्रभावी अनुपालन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



