यूपी में बाढ़ से निपटने की नई तैयारी, स्थानीय नाविकों और तैराकों को मिलेगी ट्रेनिंग

उत्तर प्रदेश में संभावित बाढ़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील जिलों में स्थानीय नाविकों तथा कुशल तैराकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों को तेजी और दक्षता के साथ अंजाम दिया जा सके। इस अभियान के तहत अधिकारी गांव-गांव जाकर स्थानीय लोगों की पहचान करेंगे, उन्हें प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ेंगे और आपातकालीन परिस्थितियों में उनकी भूमिका के बारे में जागरूक करेंगे।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सुरक्षित नौकायन, डूबते लोगों को बचाने की तकनीक, प्राथमिक उपचार, लाइफ जैकेट और अन्य बचाव उपकरणों के सही उपयोग के साथ-साथ आपदा के दौरान समन्वित तरीके से काम करने की जानकारी दी जाएगी। प्रशासन का मानना है कि स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की उपलब्धता से राहत कार्यों में तेजी आएगी और राष्ट्रीय तथा राज्य आपदा मोचन बल की टीमों को भी बेहतर सहयोग मिल सकेगा।
सरकार ने संबंधित जिलों के अधिकारियों को बाढ़ संभावित गांवों का सर्वेक्षण करने, संवेदनशील क्षेत्रों की सूची तैयार करने और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लोगों को बाढ़ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की प्रक्रिया और आपातकालीन हेल्पलाइन की जानकारी भी दी जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देकर आपदा के समय जनहानि और नुकसान को न्यूनतम किया जा सके तथा राहत एवं बचाव व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।



