TCS को US में बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की अपील; ₹2,000 करोड़ से ज्यादा का असर

टाटा समूह की आईटी दिग्गज कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) को अमेरिका में एक पुराने कानूनी विवाद में बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी की उस अपील को सुनने से इनकार कर दिया है, जिसमें वह निचली अदालत द्वारा दिए गए फैसले को चुनौती दे रही थी। इस फैसले के बाद TCS को अतिरिक्त 7 करोड़ डॉलर (करीब ₹600 करोड़) का एकमुश्त खर्च दर्ज करना होगा।
यह मामला ट्रेड सीक्रेट्स (व्यावसायिक गोपनीय जानकारी) से जुड़ा है, जिसमें DXC Technology की पूर्ववर्ती कंपनी ने TCS पर लाइफ इंश्योरेंस सॉफ्टवेयर से संबंधित गोपनीय जानकारी के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। अमेरिकी अदालतों ने पहले ही DXC के पक्ष में फैसला दिया था और अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपील खारिज किए जाने के बाद कानूनी लड़ाई लगभग समाप्त हो गई है।
TCS ने बताया है कि इस मामले में उसकी कुल वित्तीय देनदारी अब लगभग 22 करोड़ डॉलर तक पहुंच गई है। कंपनी पहले ही 15 करोड़ डॉलर का प्रावधान कर चुकी थी और अब शेष 7 करोड़ डॉलर का अतिरिक्त प्रावधान करेगी। इसमें हर्जाना, ब्याज और कानूनी खर्च शामिल हैं।
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि TCS जैसी बड़ी कंपनी के लिए यह एक महत्वपूर्ण झटका जरूर है, लेकिन उसके कुल कारोबार और वित्तीय आकार को देखते हुए इसका दीर्घकालिक प्रभाव सीमित रह सकता है। कंपनी का वार्षिक राजस्व 30 अरब डॉलर से अधिक है और वह दुनिया की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनियों में शामिल है।
निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि आने वाली तिमाहियों में इस एकमुश्त खर्च का कंपनी के मुनाफे और शेयर प्रदर्शन पर कितना असर पड़ता है। फिलहाल यह फैसला TCS के लिए कानूनी और वित्तीय दोनों मोर्चों पर एक बड़ा झटका माना जा रहा है।



