
भारतीय फल बाजार में संतरा उत्पादक किसानों के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन और भूटान जैसे देशों से आने वाले फलों की बढ़ती आपूर्ति और कुछ नीतिगत बदलावों के कारण घरेलू बाजार में भारतीय संतरे की मांग और कीमतों पर असर देखा जा रहा है। इस स्थिति ने खासकर मध्य भारत और उत्तर भारत के संतरा उत्पादक क्षेत्रों में किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
किसानों का कहना है कि उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि बाजार में उचित दाम नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में बाहरी देशों से आने वाली प्रतिस्पर्धा ने स्थिति को और कठिन बना दिया है। हालांकि सरकार की ओर से समय-समय पर कृषि निर्यात को बढ़ावा देने और किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन स्थानीय बाजार में उतार-चढ़ाव का सीधा असर किसानों की आमदनी पर पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सप्लाई चेन को मजबूत नहीं किया गया और किसानों को बेहतर मार्केट लिंकिंग नहीं मिली, तो आने वाले समय में यह समस्या और गंभीर हो सकती है। ऐसे में किसानों को आधुनिक भंडारण, प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट सपोर्ट सिस्टम से जोड़ना बेहद जरूरी माना जा रहा है ताकि वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में टिक सकें।



