शेयर बाजार में लौटे विदेशी निवेशक

भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ दिनों के दौरान निवेशकों की धारणा में सुधार देखने को मिला है। मजबूत रुपये, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के चलते बाजार का माहौल बेहतर हुआ है। इसी बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भी करीब नौ दिनों के दौरान भारतीय इक्विटी बाजार में दोबारा दिलचस्पी दिखानी शुरू कर दी है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारत जैसे आयातक देश के लिए सकारात्मक मानी जाती है, क्योंकि इससे महंगाई और आयात बिल पर दबाव कम हो सकता है। वहीं रुपये की मजबूती विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में भी सहायक होती है।
हालांकि, बाजार की आगे की दिशा केवल इन दो कारकों पर निर्भर नहीं करेगी। निवेशकों की नजर आगामी कॉर्पोरेट नतीजों, वैश्विक आर्थिक आंकड़ों, अमेरिका की मौद्रिक नीति, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और विदेशी निवेश प्रवाह पर भी बनी रहेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में सुधार के संकेत जरूर दिखाई दे रहे हैं, लेकिन अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में निवेशकों को किसी भी निर्णय से पहले अपने निवेश लक्ष्य, जोखिम क्षमता और बाजार की मौजूदा परिस्थितियों का आकलन करना चाहिए।



