Inflammatory Bowel Disease: किडनी, लिवर और जोड़ों पर भी पड़ता है असर

इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज (Inflammatory Bowel Disease) को अक्सर केवल पेट और आंतों की बीमारी समझा जाता है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार इसका असर शरीर के कई अन्य अंगों पर भी पड़ सकता है। यह एक ऑटोइम्यून स्थिति है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से अपने ही ऊतकों पर हमला करने लगती है।
IBD के मरीजों में किडनी और लिवर से जुड़ी समस्याएं भी देखने को मिल सकती हैं, क्योंकि लंबे समय तक चलने वाली सूजन शरीर के मेटाबॉलिक सिस्टम को प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा जोड़ों में दर्द और सूजन भी एक आम अतिरिक्त लक्षण माना जाता है, जिसे एक्स्ट्रा-इंटेस्टाइनल इफेक्ट कहा जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में सिर्फ पेट के लक्षणों पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि पूरे शरीर की निगरानी जरूरी होती है। समय पर जांच और सही इलाज से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है और जटिलताओं से बचा जा सकता है।



