महंगाई का असर खाने की थाली पर, टमाटर-तेल और चिकन महंगा

बढ़ती महंगाई का असर अब सीधे लोगों की थाली पर दिखाई देने लगा है। टमाटर, खाद्य तेल और चिकन की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के चलते होटल, रेस्तरां और ढाबों में मिलने वाली वेज और नॉनवेज थाली महंगी हो गई है। रसोई का बजट पहले से ही बढ़ी हुई खाद्य वस्तुओं की कीमतों से प्रभावित था, अब बाहर खाना भी लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल रहा है। कारोबारियों का कहना है कि कच्चे माल की लागत बढ़ने के कारण मेन्यू की कीमतों में बदलाव करना मजबूरी बन गया है।
टमाटर, खाद्य तेल और चिकन समेत कई जरूरी खाद्य पदार्थों की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर अब घरों के साथ-साथ होटल, रेस्तरां और ढाबों में मिलने वाले भोजन पर भी साफ दिखाई देने लगा है। रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि कच्चे माल की लागत बढ़ने से भोजन तैयार करने का खर्च काफी बढ़ गया है। ऐसे में वेज और नॉनवेज दोनों तरह की थालियों के दाम बढ़ाने पड़े हैं, ताकि बढ़ती लागत की भरपाई की जा सके। खासकर टमाटर और खाद्य तेल जैसी रोजमर्रा की सामग्री महंगी होने से लगभग हर व्यंजन की लागत प्रभावित हुई है, जबकि चिकन के दाम बढ़ने से नॉनवेज भोजन पहले की तुलना में और महंगा हो गया है।
इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है। जहां घर का मासिक रसोई बजट पहले से बढ़ा हुआ है, वहीं बाहर भोजन करना भी अब पहले की तुलना में अधिक खर्चीला हो गया है। छोटे होटल और ढाबा संचालक भी बढ़ती लागत और ग्राहकों की संख्या के बीच संतुलन बनाने की चुनौती का सामना कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खाद्य वस्तुओं की कीमतों में जल्द राहत नहीं मिलती, तो आने वाले समय में भोजन की कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जिससे आम परिवारों का घरेलू बजट और अधिक प्रभावित होगा।



