
अगर आप अपनी बेटी की पढ़ाई और शादी के लिए लंबी अवधि का सुरक्षित निवेश करना चाहते हैं, तो सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) एक बेहतर विकल्प हो सकती है। इस सरकारी योजना में नियमित निवेश पर आकर्षक ब्याज का लाभ मिलता है, जिससे समय के साथ बड़ी राशि जमा हो सकती है। यदि कोई अभिभावक हर महीने लगभग ₹12,000 (यानी सालाना ₹1.44 लाख, जो योजना की वार्षिक निवेश सीमा के भीतर है) का निवेश करता है और निवेश निर्धारित अवधि तक जारी रहता है, तो मैच्योरिटी तक बड़ा फंड तैयार होने की संभावना रहती है। हालांकि, ₹70 लाख का आंकड़ा ब्याज दर, निवेश अवधि और योजना के नियमों पर निर्भर करेगा।
सुकन्या समृद्धि योजना केंद्र सरकार द्वारा बेटियों के भविष्य को आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से शुरू की गई एक छोटी बचत योजना है। इसमें बेटी के नाम पर खाता खोलकर हर वित्तीय वर्ष न्यूनतम निर्धारित राशि से लेकर अधिकतम ₹1.5 लाख तक निवेश किया जा सकता है। इस योजना में सरकार समय-समय पर ब्याज दर तय करती है और चक्रवृद्धि ब्याज का लाभ मिलता है, जिससे लंबे समय में अच्छी पूंजी तैयार हो सकती है। यही कारण है कि यह योजना बेटी की उच्च शिक्षा और विवाह जैसे बड़े खर्चों की योजना बनाने वाले परिवारों के बीच काफी लोकप्रिय है।
यदि कोई अभिभावक हर महीने ₹12,000 का निवेश करता है, तो एक वर्ष में कुल ₹1.44 लाख जमा होंगे। मौजूदा नियमों के अनुसार यह राशि अधिकतम वार्षिक निवेश सीमा के भीतर है। लंबे समय तक नियमित निवेश और लागू ब्याज दर के आधार पर मैच्योरिटी पर बड़ी राशि प्राप्त हो सकती है। हालांकि, ₹70 लाख जैसी राशि का दावा करने से पहले वर्तमान ब्याज दर, निवेश की अवधि और आधिकारिक गणना को अवश्य जांचना चाहिए, क्योंकि ब्याज दरों में समय-समय पर बदलाव हो सकता है और अंतिम मैच्योरिटी राशि उसी के अनुसार तय होती है।



