
तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों ‘प्रोजेक्ट मेघालय’ नाम का मामला चर्चा में है। आरोप है कि अभिनेता से नेता बने मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) सरकार को अस्थिर करने के लिए विधायकों को पैसे का लालच देने की कोशिश की गई। हालांकि, ये आरोप जांच के दायरे में हैं और अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
मामला तब सामने आया जब TVK विधायक एन. इलैयाराजा ने शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया कि उन्हें विधानसभा में पार्टी व्हिप के खिलाफ वोट करने के लिए 35 करोड़ रुपये की पेशकश की गई थी। पुलिस जांच में कथित तौर पर यह बात सामने आई कि करीब 15 TVK विधायकों से संपर्क करने की कोशिश की गई थी।
‘प्रोजेक्ट मेघालय’ नाम कथित तौर पर उस योजना के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसमें आरोप है कि विधायकों को प्रभावित कर सरकार का बहुमत कमजोर करने की कोशिश की गई। जांच एजेंसियां इस पूरे मामले में कथित नेटवर्क, पैसे के स्रोत और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।
इस मामले में कुछ लोगों की गिरफ्तारी और पूछताछ की जानकारी सामने आई है। एक वरिष्ठ टीवी पत्रकार से भी पूछताछ किए जाने की खबर है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। TVK ने इसे सरकार को अस्थिर करने की कोशिश बताया है, जबकि आरोपों से जुड़े अन्य पक्षों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। किसी भी राजनीतिक दल या व्यक्ति की भूमिका पर अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।
‘प्रोजेक्ट मेघालय’ विवाद ने तमिलनाडु की राजनीति में दल-बदल और विधायकों की खरीद-फरोख्त से जुड़े पुराने सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर है।



