
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भारतीय सूचना सेवा (IIS) के अधिकारियों को सोशल मीडिया के बेहतर इस्तेमाल का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग केवल सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी देने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इन माध्यमों के जरिए आम लोगों की चिंताओं और समस्याओं को भी समझना चाहिए।
राष्ट्रपति ने अधिकारियों से जनता के साथ संवाद को अधिक प्रभावी और संवेदनशील बनाने पर जोर दिया। सोशल मीडिया के जरिए लोगों की प्रतिक्रियाएं तेजी से सामने आती हैं। ऐसे में अधिकारियों के लिए इन प्रतिक्रियाओं को समझना और उनसे मिलने वाले फीडबैक को प्रशासनिक संवाद में शामिल करना उपयोगी हो सकता है।
डिजिटल युग में सरकारी संचार का तरीका तेजी से बदल रहा है। पहले जहां सूचना पहुंचाने के लिए पारंपरिक माध्यमों पर ज्यादा निर्भरता थी, वहीं अब सोशल मीडिया के जरिए सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद संभव है। राष्ट्रपति का संदेश इसी बदलते संचार परिवेश की अहमियत को रेखांकित करता है।
IIS अधिकारियों की भूमिका सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों की सही जानकारी जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण होती है। इसके साथ ही उन्हें यह भी देखना होता है कि सरकारी संदेशों को आम लोग किस तरह समझ रहे हैं और उनसे जुड़ी क्या चिंताएं या सवाल सामने आ रहे हैं।
सोशल मीडिया पर लोगों की बात सुनने से सरकार को जमीनी स्तर की समस्याओं और जनता की अपेक्षाओं को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिल सकती है। हालांकि, सोशल मीडिया पर मिलने वाली हर जानकारी को सत्य मानने के बजाय तथ्यों की जांच और आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि करना भी जरूरी है।
कुल मिलाकर राष्ट्रपति मुर्मु का संदेश सरकारी संचार को एकतरफा सूचना प्रसार से आगे ले जाकर संवाद और जनभागीदारी की दिशा में मजबूत करने पर केंद्रित है। डिजिटल प्लेटफॉर्म का जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ इस्तेमाल जनता और प्रशासन के बीच भरोसा बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है।



