Dhruv Jurel Century: शतक के बाद ध्रुव जुरेल ने दिखाया ‘जय जवान जय किसान’ टैटू, पिता रहे कारगिल हीरो

श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में ध्रुव जुरेल ने शानदार शतक लगाकर भारतीय क्रिकेट में अपनी पहचान और मजबूत कर ली। कोलंबो के सिन्हालेज स्पोर्ट्स क्लब में खेली गई उनकी नाबाद 115 रन की पारी ने भारत को 503/9 के विशाल स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। लेकिन जुरेल के शतक से ज्यादा चर्चा उनके अनोखे सेलिब्रेशन की हो रही है।
शतक पूरा करने के बाद जुरेल ने अपनी बांह पर बना ‘जय जवान, जय किसान’ टैटू कैमरों के सामने दिखाया। यह सिर्फ एक सेलिब्रेशन नहीं था, बल्कि उनके परिवार और उनकी जड़ों को सम्मान देने का तरीका था। जुरेल ने खुद बताया कि उनके दादा किसान थे और उनके पिता सेना में जवान रहे हैं।
ध्रुव जुरेल के पिता नेम चंद जुरेल भारतीय सेना में हवलदार रहे हैं और उन्होंने 1999 के कारगिल युद्ध में हिस्सा लिया था। बाद में उन्होंने सेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली। जुरेल के लिए पिता की सैन्य सेवा और दादा का किसान होना उनकी पहचान का अहम हिस्सा है। इसलिए शतक के बाद ‘जय जवान, जय किसान’ दिखाना उनके लिए भावनात्मक पल था।
जुरेल ने अपनी पारी में 177 गेंदों पर नाबाद 115 रन बनाए, जिसमें नौ चौके और दो छक्के शामिल रहे। उन्होंने ऋषभ पंत के साथ 112 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की और बाद में निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ मिलकर भारत का स्कोर 500 के पार पहुंचाया।
यह जुरेल का दूसरा टेस्ट शतक और श्रीलंका की जमीन पर पहला टेस्ट शतक है। इस पारी के साथ वह श्रीलंका में भारत के लिए नंबर-7 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए टेस्ट शतक लगाने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बन गए। उनसे पहले 2017 में हार्दिक पांड्या ने पल्लेकेले में 108 रन बनाए थे।
जुरेल का यह सेलिब्रेशन इसलिए भी खास रहा क्योंकि उन्होंने इसे अपने व्यक्तिगत रिकॉर्ड से आगे ले जाकर किसान और जवान—दोनों को सम्मान देने का माध्यम बनाया। उनका संदेश साफ था कि मैदान पर मिली कामयाबी के पीछे जिन जड़ों और परिवार ने उन्हें गढ़ा है, उन्हें वह कभी नहीं भूलना चाहते।



