रिकाउंटिंग के बाद परिणाम बदलने से छात्रों में आक्रोश फैल गया और पूर्व छात्रसंघ सह सचिव दीपक तिवारी समेत कई छात्र विरोध में आमरण अनशन पर बैठ गए। आंदोलनकारी छात्रों ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और रिकाउंटिंग के बाद परिणाम बदलने को लेकर सवाल उठाए तथा निष्पक्ष जांच की मांग की। बाद में प्रशासन की ओर से जांच समिति गठित किए जाने के बाद करीब 23 घंटे से जारी छात्र आक्रोश थमने की जानकारी सामने आई।
पहली मतगणना में उपाध्यक्ष पद पर भास्कर जोशी को 959 वोट मिले थे, जबकि सुमित जोशी को 958 मत प्राप्त हुए थे। तीसरे प्रत्याशी सुमित जोशी को 51 वोट मिले। महज एक वोट के अंतर से परिणाम आने के बाद छात्रों ने रिकाउंटिंग की मांग की, जिसके बाद दोबारा मतगणना कराई गई।
रिकाउंटिंग में भास्कर जोशी और सुमित जोशी के मत बराबर पाए गए। इसके बाद चुनाव प्रक्रिया के तहत लाटरी पद्धति से फैसला किया गया, जिसमें सुमित जोशी के पक्ष में परिणाम आया और उन्हें उपाध्यक्ष पद पर विजेता घोषित किया गया। परिणाम बदलने के बाद परिसर में काफी देर तक विरोध और हंगामे की स्थिति बनी रही।
विरोध के दौरान छात्रों ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता की जांच की मांग की। आमरण अनशन पर बैठे दीपक तिवारी की तबीयत की जांच के लिए प्रशासन ने मेडिकल टीम भी भेजी। चिकित्सकों के अनुसार उस समय उनकी स्थिति सामान्य थी, हालांकि लंबे समय तक अनशन से स्वास्थ्य प्रभावित होने की आशंका जताई गई।
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